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चाईनीज राखियों को बहनों ने कहा न

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फोटो फाइल नेम-
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स्वदेशी राखी से सजेगी भाई की कलाई
-- भारत-चाइना के बिगड़ते रिश्तों के चलते चाइना सामान का होने लगा बहिष्कार

नवीन नौटियाल
ऋषिकेश।
सीमा पर भारत-चीन के बीच बढ़े तनाव का असर बाजार में दिखने को मिल रहा है। रक्षा बंधन के त्यौहार पर इसकी शुरुआत भाइयों की कलाई पर राखी बांधने वाली बहिनाें ने की है। यह पहला मौका है जब बाजार में चाइनीज राखियां देखने को नहीं मिल रही हैं, जिन दुकानाें पर चाइनीज राखियां हैं भी उन्हें खरीदने का क्रेज बहुत कम देखा जा रहा है। स्वदेशी के मुकाबले कम दाम की होने के बावजूद महिलाएं चाइनीज राखियों को तवज्जो नहीं दे रही हैं। व्यापारियों की मानें तो बाजार में चाइनीज राखियों की डिमांड में 90 फीसदी तक की कमी आई है।
तीर्थनगरी के राखी व्यवसाय से जुड़े सुशांत गुप्ता ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार चाइनीज राखियों की डिमांड घटी है। महिलाएं चाइनीज राखियां देखने तक तैयार नहीं हैं। गुप्ता ने बताया कि उनके पास शिक्षिका रुचि गुप्ता हर साल राखी खरीदने आती हैं। मगर इस बार उन्होंने स्वदेशी राखी देने को कहा। बताया कि रुचि ने अपने बच्चों को भी भारतीय कार्टून पर आधारित बाहुबली व छोटा भीम की राखी दिलाई।
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सुशांत ने बताया कि उनके पास गत वर्ष 50 प्रतिशत से भी अधिक चाइनीज राखियां थी। मगर इस बार लोगों की डिमांड को देखते हुए उन्होंने 90 फीसदी स्वदेशी राखी दुकान में रखी हैं। एक अन्य व्यापारी गुलशन कक्कड़ ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले चाईनीज राखी की डिमांड नाममात्र की रह गई है। बताया कि बहुत कम महिलाएं ही चाईनीज राखी ले रही हैं।

ऐसे करें चाईनीज राखी की पहचान
चाईनीज राखियों में अधिकतर बच्चों की राखी होती है। लेकिन अब चैन व विशेष धागे के रूप में भी चाईनीज राखी बाजार में बिक रही हैं। राखी व्यापारियों ने बताया कि चाईनीज राखी खरीदने से बचने के लिए राखी के पैकिंग डिब्बे में प्रोड्क्ट की जानकारी देखें। किसी डिब्बे में मेड इन चाइना लिखा होता। लेकिन चाइनीज प्रोडक्ट की गिरती डिमांड को बढ़ाने के लिए पैकिंग डिब्बे में चीन अब पीआरसी लिख रहा है।
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ग्राहकों के साथ व्यापारियों का भी विरोध

डोईवाला।
रक्षा बंधन पर सजने वाले राखियों के बडे बाजार से चाइनीज राखियां पूरी तरह से गायब हो गई है। डोईवाला में रेलवे रोड, मिल रोड, दून रोड और ऋषिकेश रोड पर राखियों का बाजार सजाया जाता है। जिन चाइनीज राखियों की मांग बाजारों में रहा करती थी उसके प्रति व्यापारियों से लेकर ग्राहकों तक ने नकारात्मक रवैया अपनाया है। नगर के बाजारों से पहली बार चाइनीज राखियां पूरी तरह से गायब होने का कारण भारत-चीन के बीच तनाव बढ़ना है। नगर के व्यापारियों ने पर्व के लिए पूरी तरह से भारतीय राखियों पर भरोसा करते हुए उन्हें सजाया है। रेलवे रोड राखी विक्रेता विशाल गुप्ता ने बताया कि चीन द्वारा भारत के प्रति नकारात्मक रुख दिखाया जा रहा है जिससे क्षुब्ध होकर बाजारों में स्थानीय व्यापारियों ने चाइनीज राखियों को नहीं उतारा है। बताया कि ग्राहक भी चाइनीज राखियों की खरीदारी में दिलचस्पी नही दिखा रहे हैं। दुकानदार ललित सिंघल ने बताया कि बाजार में चाइनीज राखियों का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया गया है। अमन और मन्नू गुप्ता ने बताया कि परंपरागत राखियों को खरीदने के लिए लोग आ रहे है। हम किसी भी सूरत में चाइनीज राखी नहीं बचेंगे।
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