अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
धर्मनगरी को कांवड़ मेले के गंदगी के साम्राज्य से मुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम का महासफाई अभियान शुरू हो गया है। इसके साथ ही लाखों कांवड़ियों के मलमूत्र की गंदगी से फैलने वाली महामारी से शहर को बचाने के लिए घर से घाट तक कीटनाशकों का स्प्रे (छिड़काव) कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए नगर निगम क्षेत्र को सात जोन में बांटा गया है। मेयर ने खुद मॉनीटरिंग की कमान संभाली है।
घर से घाट तक स्प्रे के काम में शनिवार से सात टैंकर उतारे जाएंगे। नगर निगम के पास दो ही टैंकर हैं। ऐसे में पांच टैंकर किराए पर लेने का निर्णय लिया गया है। टैंकरों के साथ- साथ प्रत्येक वार्ड में फॉगिंग मशीनों व सात नेफसेक मशीनों से धुआं कराया जाएगा, ताकि मल के डेरों से मक्खी तथा अन्य बीमारी फैलाने वाले कीटाणु पैदा न हो। मेन रोड की सफाई तो नगर निगम ने नियमित सफाई व्यवस्था के तहत सुबह की शिफ्ट में करा दी थी। जिससे हर की पैड़ी, भीमगोडा, खड़खड़ी, ललतारौ, ब्रह्मपुरी, शिवमूर्ति, तुलसी चौक आदि स्थानों पर पॉलिथीन, प्लास्टिक, थर्माकोल डिस्पोजल कचरे पर ढेरों के साथ मेले की बची हुई जूठन के ढेर लग गए हैं। मेयर मनोज गर्ग ने बताया कि सुबह चूंकि कांवड़ यात्रियों की भीड़ काफी आ जा रही थी इसलिए 11 बजे तक तो पुलिस ने नगर निगम की कूड़ा गाड़ियों को शहर के अंदर घुसने नहीं दिया। कूड़ा गाड़ियों को जाने दिया गया होता तो साफ किए गए कचरे को उठा दिया जाता।