अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कनखल क्षेत्र में बुधवार सुबह अलग- अलग स्थानों पर तीन कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई। सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं। एक कांवड़िए की पहचान नहीं हो सकी है। थानाध्यक्ष अनुज सिंह ने बताया कि सुबह के वक्त बैरागी कैंप क्षेत्र में गंगा में स्नान कर रहे दो कांवड़िए डूब गए। एक कांवड़िए की पहचान अंकुर दिवाकर (17) पुत्र नारायणदत्त निवासी मुकुंदपुर बलस्वडेरी दिल्ली के रूप में हुई, जबकि उसके साथी की पहचान नहीं हो सकी। उसकी उम्र करीब 18 साल के आसपास है। बताया कि दूसरी घटना सतीघाट के पास घटी। डूबने वाले कांवड़िए की पहचान धर्मेंद्र (35) पुत्र सुखपाल निवासी जसरुद्रपुर दिल्ली के रूप में हुई। ये कांवड़िया अपने साथियों के साथ नहा था, इसी बीच तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
डूब रहे कांवड़िए की जान बचाई
हरिद्वार। गंगा पार करने की जिद्द के चलते एक कांवड़िए की जान पर बन आई। 40वीं वाहिनी पीएसी के बचाव दल ने कांवड़िए की जान बचा ली। घटना बिरला गंगा घाट के पास की बताई गई है। दोपहर के वक्त एक कांवड़िया गंगा पार कर रहा था।
तैरते वक्त हांफ जाने से कांवड़िया डूबने लग गया। कांवड़िए को डूबता देख गंगा घाट पर मौजूद 40वीं वाहिनी पीएसी का बचाव दल हरकत में आ गया। बोट के सहारे कांवड़िए की जान बचा ली गई। कांवड़िए ने अपना नाम ऋषिराज पुत्र आजाद सिंह निवासी सुडला झज्जर हरियाणा बताया। बकौल पीएसी के जवान की कांवड़िए ने गंगा पार करने की जिद्द पकड़ी हुई थी। बचाव दल में एसआई विशेष श्रेणी सोहन लाल पसबोला, रवि वालिया, दिनेश नौटियाल, जयदीप नेगी, पंकज सिंह, विजय कुमार शामिल रहे। पीएसी का बचाव दल कई कांवड़ियों की जान बचा चुका है।