थराली। मरीजों को अस्पताल में भर्ती को लेकर नर्स और डाक्टर में बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस और प्रशासन को मौके पर पहुंचना पड़ा। डिप्टी सीएमओ की ओर से डॉक्टर और कर्मियों से वार्ता के बाद मामला सुलझा।
सीएचसी में मंगलवार को मरीजों की भीड़ थी। चिकित्साधिकारी डा. जगदीश जोशी ने एक स्टाफ नर्स को रोगियों को भर्ती करने और उपचार में सहयोग की बात कही तो नर्स भड़क गई। अस्पताल के अन्य कर्मी भी मौके पर आ गए और इसका विरोध जताया। विवाद बढ़ता देख लोगों ने एसडीएम सीएस डोबाल और थानाध्यक्ष एसबी जोशी को सूचना दी। इसके बाद विवाद शांत कराया गया। अपराह्न बाद पहुंचे डिप्टी सीएमओ डा. मयंक बडोला ने चिकित्साधिकारी, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मियों की बैठक ली। डा. जगदीश जोशी ने कर्मियों से स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग न करने की लिखित शिकायत की। शिकायत के आधार पर कर्मियों को चेतावनी दी गई यदि ड्यूटी में कोताही बरती गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने में चिकित्साधिकारी का सहयोग करने की नसीहत कर्मियों को दी गई।
तीमारदार बोले कुछ दिनों से अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधरी
थराली। अस्पताल में अपने रिश्तेदारों को लेकर आए लोहाजंग के राजेंद्र सिंह, सुनीता देवी आदि ने कहा कि जबसे डा. जगदीश जोशी की तैनाती अस्पताल में हुई है तब से यहां सुबह से लेकर शाम चार पांच बजे तक रोगियों की स्वास्थ्य जांच हो रही है। वहीं अस्पताल में तैनात कुछ कर्मी इसे पहले की तरह रेफर सेंटर के रूप में देखना चाहते हैं। लोगों ने एसडीएम से ऐसे कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।