देहरादून। पेंशनरों ने आरोप लगाया है कि पेंशन राशिकरण की अवधि घटाने और 65 से 80 वर्ष की आयु में पांच से 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने की मांगों पर शासन ने यू-टर्न ले लिया है।
मांगों के परीक्षण के लिए 22 माह पूर्व गठित समिति की रिपोर्ट लेने के बजाय अब मामले को 8वें वेतन आयोग की संस्तुतियों पर टाल दिया गया है। उत्तराखंड कार्मिक एकता मंच के संस्थापक अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडे ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर इस टाल-मटोल पर कड़ा विरोध जताया है। मंच का कहना है कि 8वां वेतन आयोग केंद्र के लिए है। इस भ्रामक नीति से प्रदेश के 1.50 लाख पेंशनर्स में नाराजगी है। मंच ने जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर तुरंत आदेश जारी करने की मांग की है। ब्यूरो