आपातकाल के लिए जरूरी हैं सायरन
देहरादून भूकंप के लिहाज से खतरनाक जोन में है। इसके अलावा भी यहां बरसात व अन्य महीनों में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। सतर्कता के लिहाज से सायरन दून की अहम जरूरत हैं। 1971 के बाद हुई टेस्टिंग में सामने आया कि पुराने सायरन अब कारगर नहीं रहे। शहर के लंबे क्षेत्रफल के लिए इलेक्ट्राॅनिक सायरन ही जरूरी हैं। शासन समेत डीजी सिविल डिफेंस ने भी नए सायरनों की खरीद पर अपनी सहमति दे दी है।
डीएम सविन बंसल ने कहा कि देहरादून में आपातकालीन चेतावनी प्रणाली को आधुनिक रूप दिया जाएगा। वर्ष 1971 से संचालित पुराने सायरन सिस्टम को उच्चीकृत किया जाएगा। इसके लिए बजट जारी कर दिया गया है। मॉक ड्रिल के दौरान खामियां सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया है।