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..कुंभनगरी में दिखते है आतंकी घटनाओं के निशान

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कुणाल दरगन
हरिद्वार।
कुंभनगरी आतंकी संगठनों के टॉरगेट पर रही है। हरिद्वार को दहलाने की धमकी आतंकी संगठन समय- समय पर देते आए हैं। हरकी पैडी समेत कई आध्यात्मिक अधिष्ठनों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिलती रही है। इतिहास के पन्ने पलटने पर हरिद्वार में घटी कई आतंकी घटनाओं का जिक्र देखने को मिलता है।
वर्ष 1991 में सिनेमा हॉल शिवजी पैलेस में हुए बम धमाके में कई जान चली गई थी और रोडवेज बस स्टैंड कैंपस में भारी मात्रा में घातक विस्फोटक आरडीएक्स भी मिला था। हरिद्वार-रुड़की हाईवे पर गांव बढ़ेडी राजपूतान के पास 1992 में अर्द्धकुंभ के दौरान बस पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थी। उस वारदात को पंजाब के कुख्यात आतंकियों ने अंजाम दिया था। वर्ष 1997 में महाकुंभ से पहले जहांगीर अली नाम का आतंकी पंजाब के अटारी बॉर्डर पर धरा गया था, तब उसने कुंभ में आतंकी हमले की योजना का सच उगला था। वर्ष 2000 में रुड़की से संदिग्ध प्रताप सिंह की गिरफ्तारी हुई थी।
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लक्सर में चलती ट्रेन में विस्फोट किया गया था, इस वारदात के साजिशकर्ताओं को कुछ वर्ष पहले ही सजा सुनाई गई। वर्ष 2010 के कुंभ में रुडकी एवं हरिद्वार से तीन आतंकियों को दबोचने का दावा एटीएस ने किया था। रुडकी में छह दिसंबर 2015 को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर हुए बम विस्फोट में एक छात्र तुषार धीमान की जान चली गई थी।
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बिजनौर में छिपे कुख्यात आतंकी भी हरिद्वार आए थे, ये खुलासा दक्षिण भारत में उनकी गिरफ्तारी के बाद हुआ था। वर्ष 2016 के अर्द्धकुंभ में भी बम विस्फोट की योजना रुडकी से हत्थे चढ़े आईएसआईएस से जुड़े आतंकियों ने बनाई थी, वे पूरी तैयारी भी कर चुके थे। ये आतंकी घटनाओं की फेहरिस्त है। समय- समय पर कई आतंकी संगठनों के धमकी भरे पत्र रेलवे स्टेशन अधीक्षकों, भाजपा नेताओं, साधु संतों, अध्यात्मिक संस्थाओं को मिलते रहे हैं।
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