अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
पुलिस के लिए जिलाधिकारी के आदेश भी बेमानी हो गए हो गए हैं। जिलाधिकारी ने हरकी पैड़ी पुलिस चौकी के जिस अतिक्रमण को हटवाने के लिए एसएसपी को पत्र लिखा था, उसको हटाना तो दूर पुलिस कर्मियों ने सड़क पर ही अतिक्रमण कराकर कांवड़ सामग्री की दुकान खुलवा दी है।
कांवड़ मेला व्यवस्था की तैयारी में प्रशासन ने जिस पुलिस के दम पर अतिक्रमण हटाया था उन्होंने ही फिर से अतिक्रमण करा दिया है। नगर कोतवाली के सामने मुख्य सड़क से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्तंभ की दीवार तक पहले से बड़ी दुकानें लगवा दी गई हैं। कोतवाली के सामने और भल्ला रोड पर अतिक्रमण कर लगी दुकानों से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्तंभ ओझल हो गया है। कांवड़ यात्रियों के साथ ही विभिन्न प्रांतों से आने वाले श्रद्धालुओं को सड़क चलते यह स्मारक दिखाई नहीं दे रहा है। कोतवाली पुलिस ने कांवड़ मेला के लिए सबसे पहले इसी अतिक्रमण को हटवाया था और कई ठेलियों को जब्त कर कोतवाली के अंदर कर दिया था, परंतु अब सब यथा स्थान आ गईं हैं। मेला व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए हरकी पैड़ी क्षेत्र में पसरा अतिक्रमण और पॉलिथीन का बाजार और गंदगी का साम्राज्य देखकर जिलाधिकारी दीपक रावत अवाक रह गए थे। एनजीटी के आदेश का पालन कराने के लिए पुलिस को कहने के बजाए वह नगर निगम के अधिकारियों को ही फटकार लगाकर काम चला रहे हैं। हरकी पैड़ी से भीमगोडा रोड पर पहाड़ की तरफ अतिक्रमण कर बैठे कई दुकानदारों ने कांवड़ में कमाने के लिए खाने-पीने चाय, समोसा, छोले कचोरी का काम शुरू कर दिया है। इस क्षेत्र में नाली नहीं होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। सड़क पर गंदा पानी बहने से कांवड़ यात्री परेशान हैं।