अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
ऋण वसूली नहीं होने पर राजस्व विभाग ने तीन किसानों को बंदीगृह में बंद कर दिया। एक रात बंदीगृह में होने पर अगले दिन किसानों के समर्थन में आए पूर्व विधायक अंबरीष कुमार के साथ पहुंचे किसानों ने तहसील परिसर में हंगामा काटा। मामले पर घिरते देख तहसीलदार को किसान छोड़ने पड़े। पूर्व विधायक की ओर से किसानों की स्थिति बताने पर अक्तूबर तक वसूली स्थगित करने पर तहसीलदार ने हामी भरी।
सुभाषगढ़ निवासी किसान चंद्रमोहन शर्मा, ललित कुमार, जितेंद्र कुमार ने बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड आदि पर ऋण लिया हुआ है। समय पर ऋण चुकता न करने पर बैकों ने मामला राजस्व विभाग को सौंप दिया। किसानों से ऋण वसूली के लिए राजस्व विभाग के अमीन ने किसानों को नोटिस दिए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। चंद्रमोहन शर्मा, ललित, जितेंद्र कुमार का आरोप है कि अमीन ने उन्हें तहसील में हिसाब के लिए बुलवाया और बिना किसी वार्ता के राजस्व बंदीगृह में डाल दिया। किसान चंद्रमोहन ने बताया कि उसने अमीन को अपनी पत्नी की बीमारी का हवाला दिया, लेकिन उसके हाल पर कोई तरस नहीं खाया और बंद कर दिया। पूरी रात घर पर न पहुंचने पर सुबह परिजनों को उनके बंदीगृह में बंद होने की सूचना मिली। जिस पर ग्रामीण पूर्व विधायक अंबरीष कुमार के पास पहुंचे। पूर्व विधायक समर्थकों एवं किसानों के साथ तहसील पहुंचे। जहां तहसीलदार से मिलकर किसानों की बदहाली से अवगत कराते हुए छोड़ने को कहा। जिस पर तहसीलदार सुनैना ने तीन किसानों से ऋण जमा के संबंध में लिखित में लेते हुए छोड़ दिया। वहीं अंबरीष कुमार ने तहसीलदार से किसानों की बदहाली बताते हुए धान की फसल तैयार होने से पहले किसी भी प्रकार की वसूली न करने मांग उठाई। तहसीलदार ने अक्तूबर तक किसानों की संपत्ति नीलामी न करने और जबरदस्ती वसूली न कराने को आश्वासन दिया। इस मौके पर गांधी-अंबेडकर की विरासत के जिलाध्यक्ष नंदलाल राणा, धर्मपाल ठेकेदार, वरुण बालियान, धर्मेंद्र, हरीश राजकुमार, दीपक पाराशर, अशोक, रमेश, श्रीचंद्र, प्रिंस शर्मा, देवेंद्र, सतीश, गौरव, विशाल, मोहित शर्मा, सत्यप्रकाश, जोगेश्वर, केसी शर्मा, भीष्म दत्त आदि शामिल हुए।
अमरनाथ यात्रा हादसे की निंदा की
हरिद्वार। गांधी-अंबेडकर की विरासत के बैनर तले तहसील में प्रदर्शन करते हुए अमरनाथ यात्रा हादसे की निंदा की। पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कहा कि इंटेेलीजेंस की सूचना पर भी अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं की सुरक्षा में लापरवाही बरती गई। उन्होंने यात्रा पर हमले के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को दोषी करार देते हुए समुचित कार्रवाई करने की मांग की। वरुण बालियान ने कहा देश की सीमा पर न तो जवान सुरक्षित है और देश में शांति का माहौल। उन्होंने प्रधानमंत्री से देश में रहकर लोगों की सुरक्षा की मांग के इंतजाम करने को कहा।