कर्णप्रयाग। ब्लाक कार्यालय में लगातार हो रहे बीडीओ के तबादलों से विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। स्थिति यह है कि एक साल से मनरेगा के मजदूरों का भुगतान नहीं हो पाया है। यहां चार साल में चार बीडीओ का ट्रांसफर हो चुका है। इनमें से कुछ तो एक साल भी पूरा नहीं कर पाए। यहां तैनात बीडीओ का एक साल से पहले की तबादला कर दिया गया है।
96 ग्राम पंचायतों में पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइटें, शौचालय, पैदल रास्ते और पुलिया सहित 100 दिनों के रोजगार गारंटी सहित अन्य विकास योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभाले विकास विभाग में विकास योजनाएं धीमी गति से चल रही हैं। वर्ष 2013 के बाद यहां चार सालों में चार खंड विकास अधिकारियों का तबादला हो गया, जिसमें पिछले दो खंड विकास अधिकारी यहां क्रमश: 13 माह और 11 माह भी नहीं टिक पाए। प्रधान संगठन के अध्यक्ष खिलदेव सिंह रावत ने कहा कि मनरेगा की मजदूरी के लिए लोग सालों से इंतजार कर रहे हैं। वहीं एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) जैसी केंद्र सरकार की स्वरोजगार योजना भी प्रभावित हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विकास विभाग के माध्यम से सहकारिता, समाज कल्याण, पंचायती राज सहित अन्य संबधित विभागों के कामकाज भी प्रभावित हो रहे है। इधर मुख्य विकास अधिकारी विनोद गोस्वामी का कहना है कि कर्णप्रयाग ब्लाक महत्वपूर्ण ब्लाक है लेकिन जिले में स्थायी बीडीओ न होने से दिक्कतें हो रही हैं। तबादले रूटीन प्रक्रिया के तहत किए गए हैं।
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चौहान हुए विदा, भट्ट ने लिया कार्यभार
कर्णप्रयाग। ब्लाक में नवनियुक्त बीडीओ एमपी भट्ट ने मंगलवार को कार्यभार गृहण किया। भट्ट ने विकास विभाग के माध्यम से संचालित केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को सुचारु रूप से संचालित करने की प्रतिबद्धता जताई। वहीं कार्यमुक्त हुए बीडीओ एनएस चौहान को विकास विभाग के कर्मियों और जनप्रतिनिधियों ने स्मृति चिह्न देकर विदाई दी।