श्रीनगर (ब्यूरो)। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की ओर से रिन्युअल लैटर न मिल पाने की वजह से राजकीय पॉलीटेक्निक श्रीनगर में फार्मेसी डिप्लोमा (डी-फार्मा) कोर्स की काउंसिलिंग नहीं हो पाई। इस वजह से यहां एडमिशन लटक गए। हालांकि उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद (यूबीटीई) का कहना है कि पीसीआई से पत्र मिल गया है और 25 जुलाई से होने वाली द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में एडमिशन होंगे।
श्रीनगर में 60 के दशक में स्थापित पॉलीटेक्निक में शुरू से डी-फार्मा कोर्स संचालित हो रहा है। संस्थान में 40 सीट निर्धारित हैं। पीसीआई की गाइड लाइन के अनुसार कोर्स का समय-समय पर अनुमति का नवीनीकरण कराना होता है। पीसीआई के निरीक्षण के पश्चात ही नवीनीकरण होता है।
शिक्षा सत्र 2016-17 तक की मान्यता खत्म होने पर पीसीआई ने विगत अप्रैल माह में वर्ष 2017-18 की मान्यता हेतु निरीक्षण किया, लेकिन अभी तक पीसीआई से प्राविधिक शिक्षा परिषद को नवीनीकरण पत्र नहीं मिल पाया। इस वजह से राजकीय पॉलीटेक्निक श्रीनगर के लिए इच्छुक छात्र-छात्राएं च्वाइस फिलिंग नहीं कर पाए।
जबकि जीप (संयुक्त प्रवेश परीक्षा पॉलीटेक्निक ) का रिजल्ट घोषित होने के बाद यूबीटीई ने गत जून माह में काउंसिलिंग शिड्यूल जारी कर दिया था। वर्तमान में प्रथम चरण की काउंसिलिंग चल रही है। जो 11 जुलाई तक चलेगी। इसमें श्रीनगर पॉलीटेक्निक शामिल नहीं पाया।
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कल ही हमें पीसीआई से रिन्युअल लैटर मिला है। च्वाइस लॉक हो गई थी। इस कारण श्रीनगर के लिए प्रवेश प्रक्रिया द्वितीय काउसिलिंग में चलाई जाएगी। हरी सिंह, सचिव उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद