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ठांगर गांव में भारी बारिश के बीच रात को गिरा मकान

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भारी बारिश से मकान ध्वस्त
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अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। द्वारीखाल ब्लाक के ठांगर गांव में मंगलवार की रात को हुई भारी बारिश के चलते एक मकान ध्वस्त हो गया। घर के अंदर सो रही एक महिला और उसके तीन बच्चों ने बाहर भागकर जान बचाई।
मंगलवार रात के दो बजे ठांगर गांव में स्व. जोत सिंह नेेगी की पत्नी सुखदेई देवी अपनी बेटी और दो बेटों के साथ घर में सो रही थी। तभी मकान की पिछली दीवार के भरभराकर गिरने की आवाज सुनकर वे जाग गए। मकान को नीचे गिरते देख सुखदेई ने बदहवास अवस्था में अपने बच्चों सहित बाहर की ओर दौड़ लगा दी। उनके मकान के बाहर निकलते ही पूरा मकान धराशाही हो गया। इस पर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। मकान के मलबे में महिला का पूरा सामान, कपड़े, बिस्तर व बर्तन आदि सब दब गए। गरीब महिला का रो रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण उसे सांत्वना देकर अपने घर ले गए।
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सामाजिक संस्था स्व. सरोजनी देवी लोक विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि ठांगर गांव निवासी विधवा सुखदेई देवी अत्यंत निर्धन हैं। रोजगार का कोई भी साधन नहीं होने के कारण वह अपने बच्चों का भरण पोषण बड़ी मुश्किल से करती हैं। अब उनके पास सर ढकने के लिए भी जगह नहीं बची है। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर गरीब महिला के मकान के पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराने की मांग की है।

-फोटो

आंधी से मकान की छत उड़ी
थराली (ब्यूरो)। मंगलवार शाम हुई तेज आंधी से मालबज्वाड़ गांव में एक मकान की छत उड़ गई। शाम को तेज आंधी से मालबज्वाड़ गांव की बसंती देवी पत्नी जमन सिंह के मकान की छत उड़ गई, जिससे मकान में रखी सामग्री भी खराब हो गई। सूचना पर नायब तहसीलदार एसएस बुटोला ने गांव जाकर स्थिति का जायजा लिया। बुटोला ने बताया कि घटना की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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कोटी कालोनी में तूफान से उड़े टेंट
नई टिहरी। मंगलवार को तेज बारिश के साथ चले तूफान से कोटी कालोनी में संचालित ढाबों के टेंट उखड़ गए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान पहुुंचा है। ढाबा संचालक बलवीर सिंह ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए स्थानीय बेरोजगारों झील किनारे टेंट लगाकर पर्यटकों की चाय-पानी की व्यवस्था कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। टेंट लगाने का वह मासिक किराया भी देते हैं, लेकिन मंगलवार सायं को भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने से वहां पांच-छह लोगों के टेंट हवा में उड़ गए, जिससे उनका काफी सामान भी बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि बमुश्किल ढाबा चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, लेकिन तूफान से सामान नष्ट होने से सभी छह ढाबा संचालकों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से दैवी आपदा मद से आर्थिक मदद करने की गुहार लगाई है।

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