अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर/ऋषिकेश।
आईडीपीएल स्थित कृष्णानगर कॉलोनी में मंगलवार पूर्वाह्न करंट से एक दर्जी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने ऊर्जा निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगाने के बाद निगम के अधिकारी दो लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए और जाम खुल सका।
पुलिस के अनुसार आईडीपीएल स्थित कृष्णानगर कालोनी निवासी नसीम अहमद (36) पुत्र अब्दुल मजीद मंगलवार को दुकान में कपड़े प्रेस कर रहा था। परिजनों का आरोप है कि इसी बीच हाई वोल्टेज आने से उसे करंट लग गया। परिजन उसे गंभीर हालत में एसपीएस राजकीय चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने हरिद्वार-ऋषिकेश राजमार्ग स्थित कैनाल गेट के सामने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी दोपहर करीब दो बजे शव को लेकर श्यामपुर चौकी पहुंचे और आश्रित परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर दोबारा राजमार्ग जाम कर दिया। सूचना पाकर उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, प्रशिक्षु आईपीएस निहारिका भट्ट और ऊर्जा निगम एसडीओ महेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह मृतक आश्रित नौकरी और मुआवजे की मांग पर अड़ गए। अधिकारियों के द्वारा काफी देर मशक्कत के बाद परिजन मुआवजे के आश्वासन पर बामुश्किल शांत हुए। एसडीओ महेंद्र सिंह ने परिजनों को मौके पर ही तत्काल सहायता के तौर 20 हजार रुपये नकद दिए। जबकि एक लाख 80 हजार रुपये विभागीय कार्रवाई के बाद देने का लिखित आश्वासन दिया गया है।
विभाग कराएगा घटना की पड़ताल : एसडीओ
एसडीओ महेंद्र सिंह ने कृष्णानगर कॉलोनी में हाई वॉल्टेज के मामले की विभागीय स्तर से जांच की बात कही है। उन्होंने बताया कि मामले की तहकीकात के बाद ही पीड़ित परिवार को मुआवजे की अवशेष धनराशि दी जाएगी। उधर मौके पर मौजूद कॉलोनी के कई लोगों ने मंगलवार सुबह क्षेत्र में हाई वोल्टेज से घरों में विद्युत उपकरणों के फुंकने की बात कही है।
जाम से हाईवे पर हालात रहे बदतर
ऋषिकेश-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर इन दिनों यात्राकाल के चलते जाम की स्थिति है। मंगलवार को दर्जी की मौत के बाद जाम लगाने से हालात और खराब रहे। व्यस्त राजमार्ग पर करीब डेढ़ घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन से हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कई किमी. तक लंबी कतारें लगी रहीं।