ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। दृष्टिहीन छात्रों के लिए आयोजित कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्व दृष्टिहीन संघ के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि आज के युग में कंप्यूटर का ज्ञान होना जरूरी है। इस ज्ञान के बिना आज कोई भी व्यक्ति सफलता के आयाम छू नहीं सकता। दृष्टिबाधित युवाओं के लिए यह और भी जरूरी है। कार्यक्रम में जकार्ता में हुए एशियन पैरा गेम्स में अच्छा प्रदर्शन करने वाले आशीष नेगी को सम्मानित किया।
कौशल विकास योजना के तहत शनिवार को विश्व दृष्टिहीन संघ की ओर से दृष्टिहीन छात्रों के लिए बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। केनाल रोड स्थित नेशनल फेडरेशन के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी की राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी नेहा जोशी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित युवा सामान्य लोगों के मुताबिक ज्यादा सक्षम होते हैं। कंप्यूटर का ज्ञान उन्हें सफल बनाने में और मदद करेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसके लिए वह दृष्टिहीन छात्रोें की हर संभव मदद करेंगे। संघ के महासचिव पीतांबर सिंह चौहान ने कहा कि पाठ्यक्रम का उद्देश्य दृष्टिबाधित युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना है। कोर्स की अवधि छह महीने होगी। प्रत्येक बैच में दस प्रशिक्षणार्थी लाभान्वित होंगे। प्रशिक्षुओं को आवास और भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम में जकार्ता में हुए एशियन पैरा गेम्स में अच्छा प्रदर्शन करने वाले आशीष नेगी को सम्मानित किया गया। नेगी ने बताया कि एशियन पैरा गेम्स में गोला फेंक में उन्होंने चौथा स्थान हासिल किया है। अब वह ओलंपिक की तैयारी कर रहे हैं। इस अवसर पर ऋषिराम भट्ट, आशीष थपलियाल, केएस रावत, जयवीर राणा, अमनदीप, जीएस भंडारी, एसके शर्मा, बलवीर रावत, विनोद शाह, संजय रावत, जितेंद्र डिमरी, भगत सिंह आदि मौजूद रहे।
मांग पूरी नहीं हुई तो करेंगे आंदोलन
कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ पर विश्व दृष्टिहीन संघ के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि प्रदेश में आरपीडी एक्ट को पूरी तरह से लागू नहीं किया है। सरकारी सेवाओं में दृष्टिहीन का एक प्रतिशत आरक्षण कोटा आज भी पूरा नहीं हो पाया है। इसके लिए संगठन के एक दल ने 24 जुलाई को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मांग पूरी करने की मांग की थी, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से मांग पूरी नहीं की। चेतावनी दी जल्द मांग पूरी नहीं की गई तो संघ आंदोलन करने को बाध्य होगा।