झबरेड़ा। इकबालपुर शुगरमिल में बृहस्पतिवार की शाम सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह, किसान प्रतिनिधियों के साथ चीनी के गोदाम का स्टाक चेक करने पहुंचे। यहां पर उन्होंने स्टाक रजिस्टर आदि तो चेक किए, लेकिन गोदाम की चाबी बैंक के पास होने के चलते गोदाम स्टाक चेक नहीं कर पाए। गेट से बाहर निकलते वक्त किसानों और मिल के सुरक्षा गार्डोँ के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। इससे घायल किसानों ने पुलिस से शिकायत की है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल ने बुधवार की शाम अपने कार्यालय में शुगर मिल के अधिकारियों, गन्ना विभाग के अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त बैठक ली थी। बता दें कि उत्तराखंड किसान मोर्चा गन्ना भुगतान आदि की मांग के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट (जेएम) कार्यालय पर पिछले आठ दिन से धरना दे रहा है। बुधवार को बैठक में जेएम ने डीसीओ को आदेश दिए थे कि इकबालपुर शुगरमिल का स्टाक और रजिस्टर आदि चेक किया जाए। इसके बाद जितनी भी चीनी बिकती है, तो उससे किसानों का भुगतान कराया जाए। क्योंकि इकबालपुर शुगरमिल पर किसानों का करीब 140 करोड़ रुपया बकाया है। बृहस्पतिवार को डीसीओ शैलेंद्र सिंह के साथ उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड आदि इकबालपुर शुगरमिल पहुंचे। इस दौरान डीसीओ ने चीनी ब्रिकी आदि का रिकार्ड चेक किया, लेकिन गोदाम को चेक नहीं कर पाए। शुगरमिल के अधिकारियों का कहना था कि शुगरमिल की चीनी बैंक के पास रखवाई गई है। इसलिए डीसीओ चीनी का गोदाम चेक नहीं किया जा सका, जिसके बाद अधिकारी और किसान प्रतिनिधि लौट गए। लौटते वक्त गेट से बाहर निकलने पर किसानों और मिल के सुरक्षा गार्डोँ के बीच कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि तीन किसान घायल हो गए। घायलों ने झबरेड़ा थाने में शिकायत की है। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।