ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
गढ़वाल विश्वविद्यालय में स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा देने वाले छात्रों का भविष्य अंधकार में है। उनका चयन देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में पीजी दाखिले के लिए हो गया है, लेकिन रिजल्ट नहीं आने से वे दाखिले से वंचित हैं। ये छात्र विश्वविद्यालय और अपने कॉलेजों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका रिजल्ट जारी नहीं हो रहा है। उधर, कॉलेजों में भी रिजल्ट नहीं आने से एमए, एमएससी की दाखिला प्रक्रिया अटक गई है।
गढ़वाल विश्वविद्यालय ने मई में बीए, बीएससी, बीकॉम अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं कराई थीं। तब से लेकर अभी तक विश्वविद्यालय केवल बीकॉम के नतीजे जारी कर पाया है। बीए और बीएससी के रिजल्ट जारी नहीं हुए हैं। इस वजह से छात्रों के लिए एमए, एमएससी में दाखिले की राह मुश्किल हो गई है। छात्रा ज्योति ने बताया कि उनका चयन जेएनयू में पीजी के लिए हो गया है, लेकिन वहां अंतिम सेमेस्टर की मार्कशीट मांगी जा रही है।
इसी प्रकार, विनोद, इशिता, रक्षिता का कहना है कि बीए और बीएससी का रिजल्ट नहीं आने की वजह से वे एमए या एमएससी के लिए पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं। उधर, शहर के किसी भी कॉलेज में रिजल्ट न आने की वजह से एमए, एमएससी की दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। कॉलेजों का कहना है कि चूंकि उनकी प्राथमिकता उत्तराखंड के छात्र हैं, इसलिए रिजल्ट आने से पहले दाखिला प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकते हैं।
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हमने बीकॉम का रिजल्ट जारी कर दिया है। बीए, बीएससी, एमए और एमएससी के रिजल्ट भी जुलाई के अंतिम सप्ताह में जारी कर दिए जाएंगे। -डॉ. आरसी भट्ट, परीक्षा नियंत्रक, गढ़वाल विवि