सरकार पर बजट की कमी, पात्रों के सामने भुखमरी
जूही प्रजापति
देहरादून। राष्ट्रीय पारिवारिक योजना में दून के 359 परिवार पात्र होने के बावजूद भुखमरी के कगार पर हैं। एक तरफ तो इन परिवार के लोगों के सिर से मुखिया अथवा कमाऊ सदस्य का साया उठ गया, वहीं दूसरी ओर सरकार की बेरुखी ने इन्हें अंदर से तोड़ दिया है। ऐसे लोगों रोजाना समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं, जहां उन्हें हर बार केवल एक ही जवाब मिलता है कि बजट नहीं है। ऐसे में सिस्टम पर सवाल उठता है कि सरकार के करोड़ों के बजट में क्या उनके लिए मात्र 20 हजार रुपये नहीं हैं?
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के लिए सरकार ने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना संचालित है। इस योजना के तहत गरीब परिवार के घर में यदि कमाऊ सदस्य की अचानक मौत हो जाती है तो उसके परिवार को 20 हजार की आर्थिक सहायता दी जाती है। वर्ष 2017-18 में इस योजना का लाभ लेने के लिए करीब 775 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें से करीब 200 लोगों के आवेदन त्रुटि के चलते निरस्त कर दिए गए थे। जबकि विभाग ने 575 लोगों को योजना के लिए पात्र पाया गया था। इस योजना के तहत समाज कल्याण विभाग को फरवरी में 43 लाख 20 हजार का बजट जारी हुआ था। विभाग ने यह बजट 216 लोगों में वितरित कर दिया। जबकि 359 पात्रों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका था। तब इन लोगों को जल्द बजट आने का आश्वासन देकर लौटा दिया गया था। अब करीब चार महीने बाद भी बजट नहीं आने पर ये लोग विभाग के चक्कर काट रहे हैं। मगर हर बार इन्हें बाद में आने की बात कहकर लौटा दिया जाता है।
डोईवाला निवासी सुशीला का कहना है कि अधिकारी उन्हें ये आश्वासन भी नहीं दे पा रहे हैं कि उन्हें उनका पैसा कितने समय में मिल जाएगा। इसके साथ ही सहसपुर निवासी लीला देवी ने बताया कि अभी तक एक भी पैसा नहीं मिला है। उनके दो छोटे बच्चे हैं, बहुत मुश्किल से गुजर बसर हो पा रही है। वहीं बहुत से परिवार ऐसे हैं जो घर में कमाऊ सदस्य की मौत के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
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राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए बजट की मांग की गई है। अभी विभाग को इस योजना के तहत बजट नहीं मिला है। जैसे ही योजना का बजट मिल जाएगा, पात्रों के खातों में धनराशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।
- अनुराग शंखधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी
ये हैं आवेदन करने के मानक
1- आवेदन करने वाला व्यक्ति परिवार के कमाऊ सदस्य की मौत के बाद ही आवेदन कर सकता है।
2- मरने वाले व्यक्ति की आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
3- मासिक आय एक हजार से अधिक नहीं होनी चाहिए।
4- मरने वाले का राशन कार्ड में नाम दर्ज हो।
5- मृतक का आधार कार्ड, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र और मृत्यु प्रमाण-पत्र अनिवार्य है।