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स्वास् ्रथ्य विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों का बने अलग कैडर, केद्रीय अपर सचिव ने की समीक्षा बैठक

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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राज्य के अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए ऐसे डॉक्टरों का अलग कैडर बनाया जाए। साथ ही मरीजों को बेहद नजदीक अस्पताल की सुविधा मुहैया कराने का प्रयास किया जाए। ये बातें बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अपर सचिव एवं नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के निदेशक मनोज झालानी ने मिशन के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।
उन्होंने अफसराें को निर्देश दिए कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि मरीजों को भटकना न पड़े। उन्होंने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के प्रति लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभाग दवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे। पारदर्शिता के लिए समय-समय पर दवाओं को प्रयोगशाला भेजकर जांच कराई जाए। बैठक में अपर सचिव मनोज झालानी ने एनएचएम के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा की और उन्हें लागू कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
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चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव नितेश कुमार झा ने विभाग की ओर से संचालित स्वास्थ्य योजनाआेें की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कि राज्य में 104 हेल्पलाइन प्रणाली से मरीजों को परामर्श दिया जा रहा है। 101 अस्पतालों में ई-पर्ची बन रही है। इससे मरीजों की जानकारी के साथ ही यह भी पता चल रहा है कि किस अस्पताल में कौन सा चिकित्सक अनुपस्थित है। अगर उपस्थित है तो कितने मरीजों की जांच की। सरकार की पहल पर संतोष जताते हुए अपर सचिव मनोज झालानी ने कहा कि इस योजना को ‘अपना अस्पताल पोर्टल’ से भी जोड़ा जाए। इस दौरान एनएचएम के अपर परियोजना निदेशक बंशीधर तिवारी, निदेशक डॉ. अंजलि नौटियाल, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती, वित्त नियंत्रक शैलेंद्र शंकर सिंह, अपर निदेशक डॉ. सरोज नैथानी आदि मौजूद थे।
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गांधी शताब्दी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण
समीक्षा बैठक से पहले केंद्र सरकार के अपर सचिव मनोज झालानी ने गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में हाल ही में शुरू किए गए मदर एंड चाइल्ड केयर की सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने मरीजों को केंद्र सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ देने के निर्देश सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को दिए। सचिव नितेश कुमार झा ने केंद्रीय अपर सचिव को गांधी चिकित्सालय को जिला अस्पताल के रूप में विकसित करने की योजना के बारे में विस्तार से बताया।
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