16 दुकानों से लिए चावल के सैंपल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सस्ते गल्ले की दुकानों से वितरित होने वाले चावल में कीड़े निकलने के मामले में शनिवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने पर विभागीय अधिकारी नींद से जागे। खबर का संज्ञान लेते हुए राजकीय खाद्यान्न भंडार ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोदाम का निरीक्षण किया गया। गोदाम से चावल के सैंपल भरे गए। इसके अलावा विभाग की टीम ने सस्ते गल्ले की 16 दुकानों से चावल के सैंपल लिए। छापेमारी के दौरान 10 दुकानें बंद पाई गई, जिन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा। वहीं छापे के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया सैंपल लेने के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है।
जिला आपूर्ति अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि टीमों का गठन कर शहर की 26 सस्ते गल्ले की दुकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान 10 दुकानें बंद पाई गई, उनके संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इसके अलावा 16 दुकानों से चावल के सैंपल लिए गए। विक्रेताओं को आदेश दिए गए है कि अद्योमानक खाद्यान्न का वितरण न किया जाए। टीम में पूर्ति निरीक्षक विभूति जुयाल, अजयपाल रावत, विवेक शाह व प्रशांत बिष्ट शामिल रहे। वहीं छापे के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बताया सैंपल लेने के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है। जांच के लिए अच्छे चावल लिए गए हैं, जबकि खराब चावलों को अनदेखा कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि जिले में राशन वितरण व्यवस्था सुचारु नहीं हो पा रही है। समय पर राशन न मिलने की शिकायतें अक्सर विभाग और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को मिलती रहती हैं। जिस पर जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारी व्यवस्था सुचारु करने के दावों तो करते हैं लेकिन उन पर अमल नहीं करा पाते। कुछ दिन पहले ही जिला आपूर्ति अधिकारी ने दावा किया था कि अब छापेमारी के दौरान जो दुकान बंद पाई जाएगी उसे तुरंत सील किया जाएगा।
बता दें कि एक दिन पहले राजधानी में दुकानों पर जो चावल आवंटित किया गया है, उसमें कीड़े निकल रहे हैं। उपभोक्ताओं का दावा है कि दुकानदारों के समक्ष विरोध जताते पर उनकी बात नहीं सुनी गई। वहीं राशन डीलरों का कहना था कि उन्हें जैसा चावल गोदाम से मिल रहा है वे वैसा ही वितरित कर रहे हैं।