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जेई, एई, ईई के बाद अब अधीक्षण अभियंता भी मैदान में

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) प्रबंधन ने निर्माणाधीन व प्रस्तावित परियोजनाओं के निर्माण में तेजी लाने के लिए अधिशासी अभियंताओं, सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं के बाद अब अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारियों को भी मैदान में उतार दिया है। पिटकुल प्रबंध निदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी का कहना है कि लंबित परियोजनाओं में तेजी आए इसके लिए अब मुख्यालयों में जमेे अभियंताआें को एक एक करके मैदान मे उतारा जा रहा है।
पिटकुल के निदेशक (परियोजना) संजय मित्तल की ओर से जारी किए गए आदेश के मुताबिक अधीक्षण अभियंता (परियोजना क्त्रिस्यान्वयन) रुड़की ललित कुमार को हरिद्वार जिले में पिटकुल की निर्माणाधीन और प्रस्तावित आठ परियोजनाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधीक्षण अभियंता ललित कुमार निर्माणाधीन परियोजनाएं मसलन 220 केवी उप संस्थान पिरानकलियर- इमलीखेड़ा, 220 केवी पुहाना-रोशनाबाद ट्रांसमिशन लाइन, 132 केवी उप संस्थान पतंजलि पदार्था 120 केवी जिला नजीबाबाद ट्रांसमिशन लाइन, 132 केवी लक्सर बिरला टायर ट्रांसमिशन लाइन जैसी निर्माणाधीन परियोजनाओं की मॉनिटरिंग करेंगे। इसके अलावा उन्हें 220 केवी सब स्टेशन मंगलौर, 400 केवी सब स्टेशन लंढौरा और उससे संबंधित ट्रांसमिशन लाइन के अलावा 220 केवी रुड़की-नारा ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण की भी जिम्मेदारी सौंपी गई।
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दूसरी ओर अधीक्षण अभियंता इला पंत को भी 220 केवी सब स्टेशन आईआईपी हर्रावाला देहरादून, 132केवी बिंदाल पुरकुल ट्रांसमिशन लाइन, 220 लखवाड़-ब्यासी- देहरादून ट्रांसमिशन लाइन और 220 केवी डबल सर्किट ब्रहमवारी का जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा अधीक्षण अभियंता इला पंत 220 केवी सब स्टेशन सेलाकुई, 132 केवी सब स्टेशन आराघर, 220 केवी सब स्टेशन ब्रह्मचारी, 220 केवी सब स्टेशन घनसाली और उससे संबंधित ट्रांसमिशन लाइनों के अलावा यमुना वैली में प्रस्तावित सभी सब स्टेशन व ट्रांसमिशन लाइन का काम देखेेंगे।
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बता दें अभी तक पिटकुल में महज दो तीन अधीक्षण अभियंताओं के जिम्मे ही कई परियोजनाओं की जिम्मेदारी थी। जिससे न सिर्फ मानीटरिंग में दिक्कत आ रही थी वरन् योजनाओं में लेटलतीफी हो रही थी। बीते दिनों ऊर्जा सचिव राधिका झा ने बोर्ड बैठक के दौरान योजनाओं की समीक्षा की थी और उन्होंने योजनाओं की समीक्षा के दौरान परियोजनाओं के निर्माण में हो रही देरी को लेकर कड़ी नाराजगी जतायी थी।
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