ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
देशभर के आईआईटी और आईएसएम धनबाद में दाखिले के लिए रविवार को जेईई एडवांस परीक्षा का आयोजन होने जा रहा है। हर साल की तरह इस साल पहली बार यह परीक्षा ऑनलाइन होने जा रही है। बावजूद इसके परंपरागत तौर पर कई सरप्राइज फैक्टर सामने आ सकते हैं। देहरादून में यह परीक्षा चार केंद्रों पर आयोजित होने जा रही है। अभ्यर्थियों को डिमांड ड्राफ्ट जमा कराने के बाद परीक्षा केंद्र से ही ओरिजनल एडमिट कार्ड मिलेगा।
राजधानी में चार केंद्रों पर करीब तीन हजार अभ्यर्थी जेईई एडवांस में शामिल होंगे। राजधानी में उत्तरांचल विश्वविद्यालय, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, डिजिटल आयन जोन कुआंवाला और माया इंस्टीट्यूट एडवांस का आयोजन किया जाएगा। गत वर्ष जेईई एडवांस में कुल अंकों का पहला सरप्राइज आया। वर्ष 2014 में यह परीक्षा 360 अंक थी, जो कि 2015 में 504 अंकों की हो गई थी। 2016 में यह परीक्षा 372 अंकों की हुई। 2017 में यह परीक्षा दोबारा 366 अंकों की हुई थी। इस साल पहली बार जेईई एडवांस का आयोजन ऑनलाइन होने जा रहा है। देखने वाली बात होगी कि इस बार क्या-क्या चौंकाने वाली बातें सामने आएंगी।
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29 को जारी होगी आंसर की
जेईई एडवांस की ऑप्टिकल रिस्पांस शीट(ओआरएस) की आंसर की 29 मई को जारी होगी। तीन जून तक छात्र इसे देख सकते हैं। प्रत्येक प्रश्न पर 500 रुपये फीस और प्रमाण के साथ अभ्यर्थी अपनी आपत्ति जता सकते हैं। दस जून रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।
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प्रत्येक विषय में 35 प्रतिशत अंक जरूरी
जेईई एडवांस को क्वालिफाई करने के लिए पेपर 1 और पेपर 2 के प्रत्येक विषय को क्वालिफाई करना होगा। आईआईटी के मुताबिक सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रत्येक विषय में 35 प्रतिशत, ओबीसी को 31.5 प्रतिशत, एससी व एसटी को 17.5 प्रतिशत अंक लाने होंगे। इस क्राइटेरिया को पार करने वालों की ही रैंक जारी की जाएगी।
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यह लेकर जाएं परीक्षा देने
कंप्यूटर से डाउनलोड किया हुआ एडमिट कार्ड, फोटो आईडी, ब्लैक बॉल पेन, पेंसिल।
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घड़ी, टोपी पर है प्रतिबंध
जेईई एडवांस में हाथ पर बांधने वाली घड़ी, टोपी, कैलकुलेटर, कागज का टुकड़ा, चश्मा(नजर का छोड़कर), पेंसिल बॉक्स, पर्स, डायरी, मोबाइल आदि पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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जेईई एडवांस में हर साल कुछ न कुछ सरप्राइज फैक्टर होता है। इससे घबराने के बजाए इसे समझने की कोशिश करें। नेगेटिव मार्किंग वाले सवालों को सावधानी से हल करें। एक गलती पर अंक कम हो सकते हैं।
-डीके मिश्रा, निदेशक, अविरल क्लासेज