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सुगम-दुर्गम की मौजूदा स्थिति से खुश नहीं शिक्षक

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहराूदन।
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तबादला एक्ट के अनुसार हुए कोटिकरण से प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक खुश नहीं हैं। मौजूदा व्यवस्था लागू होने पर शिक्षक भविष्य में पदोन्नति और नई नियुक्तियों में परेशानी आने की बात कह रहे हैं। यही कारण है कि शिक्षक कोटिकरण में संशोधन की मांग कर रहे हैं।
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दरअसल जिला कैडर होने के कारण शिक्षकों को सुगम और दुर्गम की मौजूदा स्थिति रास नहीं आ रही है। कोटिकरण में प्रदेश के कुछ जिलों को पूरी तरह सुगम घोषित किया गया है। वहीं, कई अन्य जिलों में बेहद कम इलाके को दुर्गम के रूप में चिह्नित किया गया है। शिक्षकों का कहना है कि इससे जिला कैडर वाले कर्मचारियों को भविष्य में परेशानी होगी। शिक्षकों के अनुसार प्राथमिक शिक्षकों का कैडर जिला स्तर का होता है। ऐसे में तबादला केवल जिले के भीतर ही हो सकता है। वहीं नियमानुसार पहली नियुक्ति और पदोन्नति का लाभ भी केवल दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती पर ही मिलता है। ऐसे में पदोन्नति का आदेश जारी होने पर लाभ तभी मिलेगा, जब वह दुर्गम में ज्वाइनिंग देंगे। लेकिन दिक्कत तब होगी, जब जिले में कोई दुर्गम स्थान होगा ही नहीं। ऐसे में पदोन्नति का लाभ भी नहीं मिलेगा। इसी तरह की अड़चनें नई नियुक्तियों के मामलों में भी होगी। इन विसंगतियों को दूर करने के बाबत प्राथमिक शिक्षक संघ ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को ज्ञापन भेजा है। वहीं शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री दिग्विजय सिंह चौहान ने मैदानी जिलों में कम से कम 60 और पहाड़ी जिलों में 75 फीसदी क्षेत्रों को दुर्गम घोषित करने की मांग की है।
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