ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीएस कलूड़ा ने कहा कि संवर्ग के पुनर्गठन सहित पांच सूत्री सभी लंबित मांगों का यदि बातचीत से हल न निकला तो संगठन कड़े कदम उठाने को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि 14 जनवरी को दून में एसोसिएशन का द्विवार्र्षिक अधिवेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्य अतिथि होंगे।
शनिवार को दून मेडिकल कॉलेज में मीडिया से वार्ता में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन हड़ताल न कर बातचीत से ही समस्याओं का समाधान चाहता है, लेकिन कई बार के आश्वासनों के बावजूद संगठन की लंबित मांगों पर अमल नहीं किया जा रहा है। संवर्ग के ढांचे के पुनर्गठन के लिए महानिदेशालय से शासन को प्रस्ताव भेजने के बावजूद आज तक अमल नहीं हुआ। इसके अलावा संवर्ग की अराजपत्रित एवं राजपत्रित सेवा नियमावली का मामला भी लटका है। उत्तराखंड में पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश की सेवा नियमावली के चलते संवर्ग में समय पर उच्च पदों पर प्रमोशन नहीं हो पा रहे हैं। संगठन के मुख्य प्रवक्ता बीएस पयाल ने कहा कि भत्ते, पदोन्नति और उपकेंद्रों से चिकित्सालय में स्थानांतरण का मसला भी लटका है। पत्रकार वार्ता के दौरान एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष एचसी देवली, एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष सुधा कुकरेती, जिला मंत्री एनपी भट्ट आदि मौजूद रहे।