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हरिद्वार: अब कुंभ का काम पकड़ेगा रफ्तार, पहले चरण के लिए 140 करोड़ रुपये की स्वीकृति

Thu, 31 Oct 2019 08:47 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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राज्य सरकार ने कुंभ 2021 के लिए 350 करोड़ रुपये की स्थायी कार्ययोजना के सापेक्ष प्रथम चरण में 140 करोड़ रुपये के प्रस्तावों की स्वीकृति जारी कर दी है। कुंभ मेलाधिष्ठान अब केवल कुंभ योजना में अस्थाई मेला कार्यों के ही प्रस्ताव भेजेगा। मेलाधिष्ठान की ओर से अब और स्थायी कार्यों के प्रस्ताव नहीं भेजने के निर्णय से स्पष्ट है कि राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और केंद्र से भी उसको उम्मीद के मुताबिक बजट नहीं मिलेगा।

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कुंभ 2021 का आयोजन लगभग 500 करोड़ रुपये में ही समेटने की तैयारी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी की स्वीकृति के बाद सरकार ने मेलाधिष्ठान के माध्यम से विभिन्न विभागों के 350 करोड़ के स्थायी कार्यों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इनमें से हाई पावर कमेटी ने अभी तक 140 करोड़ के कार्यों को हरी झंडी देकर स्वीकृति का शासनादेश व धनराशि की स्वीकृति जारी कर दी है।

सरकार ने मुख्य रूप से लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, पर्यटन विभाग के स्थायी कार्यों के प्रस्तावों को प्रथम चर में हरी झंडी दी है। इनमें चार नए पुलों का निर्माण, नए स्थान घाटों का निर्माण, कांवड़ पटरी का चौड़ीकरण, आस्था पथ का निर्माण, सिडकुल-धनौरी डबल लेन मार्ग आदि लोक महत्व के प्रस्ताव शामिल है।
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इन विभागों के कार्यों के हुए जीओ जारी
कुंभ मेला हाई पावर कमेटी स्वीकृति के बाद सरकार ने जिन 140 करोड़ रुपये कार्यों का शासनादेश जारी किया है, उनमें पीडब्ल्यूडी को 50 करोड़, सिंचाई विभाग को 70 करोड़, पुलिस विभाग के निर्माण कार्यों को 12 करोड़, पेयजल विभाग को 8.50 करोड़, जल संस्थान को लगभग 1.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति का शासनादेश जारी कर दिया है।

कुंभ मेलाधिष्ठान ने स्थायी कार्यों के 350 करोड़ के प्रस्तावों के बाद ब्रेक लगा दिया है। अब वह केवल कुंभ मेला आयोजन की विभिन्न अस्थायी व्यवस्था के प्रस्ताव ही तैयार कराने में जुटा है। मेलाधिष्ठान अस्थायी मेला कार्यों के प्रस्ताव भी नवंबर में ही अंतिम रूप से शासन को भेज देगा ताकि समय से शासन स्तर से उन पर निर्णय लिया जा सके हैं। जिन कार्यों का जीओ जारी हो गए हैं, उन कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा कराने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित कर दिया गया है।
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-दीपक रावत, मेलाधिकारी कुंभ

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