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प्रदेशभर के 108 कर्मचारियों ने दिया धरना, सीएम के नाम भेजा मांगपत्र

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ब्यूरो/अमर उजाला।
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देहरादून। नई कंपनी में समायोजित करने की मांग कर रहे 108 के कर्मचारियों को प्रशासन ने सचिवालय कूच की अनुमति नहीं दी। इससे गुस्साए कर्मचारी परेड ग्राउंड में ही एक दिवसीय धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी को कर्मचारियों ने मांगपत्र सौंपा। इसमें चेतावनी दी यदि प्रदेश सरकार ने 28 अप्रैल तक उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो वह चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू कर देंगे।
प्रदेश में आपातकालीन सेवा 108 का संचालन जीवीके से हटाकर अब कैंप कंपनी को दिया जा रहा है। एक मई से प्रदेश की सभी एंबुलेंस और इससे संबंधित कार्यों को कैंप कंपनी संचालित करेगी। इससे पहले विभाग की ओर से जीवीके के 777 कर्मचारियों को नोटिस दिया गया है। नोटिस के अनुसार एक मई से 777 कर्मचारी के पास कोई काम नहीं होगा यानि वह सभी बेरोजगार हो जाएंगे। इसके विरोध में कर्मचारियों ने 24 अप्रैल को सचिवालय कूच करने की चेतावनी दी थी। इसी क्रम में बुधवार को प्रदेशभर के करीब 550 कर्मचारी परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए। 108 और खुशियों की सवारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विपिन जमलोकी ने इस दौरान कर्मचारियों को कूच करने की अनुमति न मिलने की बात कही। इस पर कर्मियों ने परेड ग्राउंड में एक दिवसीय शांतिपूर्वक धरना देने पर सहमति जताई। आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही हैं। कर्मचारियों को समायोजित करने की मांग लगातार सरकार से की जा रही है। लेकिन, इस दिशा में कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से विशेष कार्य अधिकारी पूर्वादत्त भट्ट कर्मचारियों की मांगे सुनने परेड ग्राउंड पहुंचे। कर्मचारियों ने उन्हें मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र सौंपा।
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किसी भी कर्मचारी को हटने नहीं दिया जाएगा : रविंद्र जुगरान
108 के कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन को भाजपा नेता रविंद्र जुगरान ने समर्थन दिया। समर्थकों के साथ धरनास्थल पर पहुंचे जुगरान ने कर्मचारियों को संबोधित किया। आश्वासन दिया वे उनकी लड़ाई में साथ देंगे। किसी भी कर्मचारी को हटने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए चाहे किसी भी हद तक आंदोलन करना पड़े।
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