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चैत्र नवरात्र आज से, सज गए मैया के दरबार

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प्रतीकात्मक तस्वीर
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ब्यूरो/अमर उजाला

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देहरादून। मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्र शनिवार से शुरू हो रहे हैं। नवरात्र के दिनों मां दुर्गा के नौ विभिन्न स्वरूपों की पूजा होती है। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए भक्त विविध प्रकार से पूजा-अर्चना करते हैं। 14 अप्रैल को नवमी मनाई जाएगी। शुक्रवार को मंदिरों में सुबह से ही सफाई कार्य किया गया। शाम को माता के दरबार रंग बिरंगी रोशनी से जगमगा उठे। सार्वजनिक दुर्गा पंडालों में भी आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई है। उधर पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए दिनभर बाजार में भीड़ रही।
मां दुर्गा के नवरात्र आते ही चारों ओर खुशियों और उल्लास का माहौल बन जाता है। शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करना अच्छा रहता है। ज्योतिषाचार्य गौरव आर्य ने बताया कि शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन अभिजीत मुहूर्त में सुबह 6:09 बजे से 10:19 बजे तक घट स्थापना करना बेहद शुभ होगा। नवरात्र में हर कोई मां सिंहवाहिनी की भक्ति में लीन नजर आता है। उपवास और व्रत रखने वाले मंदिरों और घरों में मां की पूजा करते हैं।
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नवरात्र में बन रहा है विशेष संयोग
चैत्र नवरात्र पर इस बार विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषचार्य शास्त्री संदीप कोटनाल ने बताया कि शनिवार को शनि भगवान और हनुमान जी का दिन है। हनुमान राम के अनन्य भक्त हैं। जिसके चलते इस दिन विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन पूजा पाठ करने से भगवान श्रीराम के साथ ही हनुमान जी व शनि की भक्तों पर विशेष कृपा होगी। अनुष्ठान और साधना के लिए चैत्र नवरात्र श्रेष्ठ माने जाते हैं। कोटनाला ने बताया कि चैत्र शब्द से चंद्र तिथि का बोध होता है। सूर्य मीन राशि में जाने से चैत्र मास में शुक्ल सप्तमी से दशमी तक शक्ति आराधना का विधान है।

नवसंवत्सर की होगी शुरुआत
ज्योतिषाचार्य शास्त्री संदीप कोटनाला ने कहा कि चैत्र नवरात्र से नव संवत्सर की शुरुआत होती है और नया पंचांग लागू हो जाता है। पुराणों के अनुसार चैत्र नवरात्र से पहले मां दुर्गा अवतरित हुई थीं। ब्रह्मा पुराण के अनुसार, देवी ने ब्रह्माजी को सृष्टि निर्माण करने के लिए कहा। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य रूप में अवतार लिया था। श्रीराम का जन्म भी चैत्र नवरात्र में ही हुआ था।

दिनभर बाजार रहे गुलजार
चैत्र नवरात्र में पूजन सामग्री की खरीदारी को लेकर शुक्रवार को बाजार दिनभर गुलजार रहे। माता के भक्तों ने मां दुर्गा की मूर्ति, पूजा और व्रत की सामग्री की खरीदारी की। पलटन बाजार, पीपल मंडी, धर्मपुर समेत विभिन्न जगहों में श्रद्धालु पूजन सामग्री की खरीदारी करते नजर आए।

आज होगी मां शैलपुत्री की पूजा
चैत्र नवरात्र के पहले दिन मां भगवती के स्वरूप शैलपुत्री माता की पूजा की जाएगी। मां शैलपुत्री माता सती (पार्वती) का ही रूप है। मां दुर्गा के पहले स्वरूप में मां शैलपुत्री मानव मन पर आधिपत्य रखती है। प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचने की शक्ति पर्वत कुमारी मां शैलपुत्री ही प्रदान करती हैं। इनके एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में कमल का फूल रहता है।
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हर दिन होगा मां का विशेष शृंगार
द्रोणनगरी के प्राचीन टपकेश्वर महादेव मंदिर में चैत्र नवरात्र में नौ दिन तक मां दुर्गा का हर दिन विशेष शृंगार किया जाएगा। नवरात्र को लेकर मंदिर समिति की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई है। मंदिर के महंत कृष्णा गिरि महाराज ने बताया कि नवरात्र के नौ दिन तक माता का विशेष शृंगार किया जाएगा। छह अप्रैल की सुबह मंत्रोच्चार के साथ मंदिर में ज्योत जलाई जाएगी। दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। किशनपुर, कैनाल रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर में चैत्र नवरात्र में रोजाना सैकड़ों ज्योत जलाई जाएंगी। साथ ही मंदिर में भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा। वहीं चंद्रबनी में प्राचीन गौतम कुंड मंदिर में भी चैत्र नवरात्र में माता की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी।

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