पूजनोत्सव में की मां सरस्वती की पूजा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। वसंत पंचमी पर रविवार को विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन किया गया। पूर्वा सांस्कृतिक मंच की ओर से आयोजित सरस्वती पूजनोत्सव में कक्षा सात की छात्रा शिवांगी कुमारी ने पंडित मिथिलेश झा के साथ मिलकर मां सरस्वती की पूजा की। कार्यक्रम में कलाकारों ने शानदार प्रस्तुुति से लोगों का मन मोह लिया।
मंच की ओर से साईं मंदिर के सभागार में सरस्वती पूजनोत्सव का आयोजन किया गया। पूजा के लिए विशेष पंडाल लगाया गया था। मंच के संस्थापक सुभाष झा ने बताया कि सरस्वती पूजनोत्सव में कक्षा सात की शिवांगी कुमारी ने माता सरस्वती की पूजा कर समाज की महिलाओं और बालिकाओं को समान दर्जा देने का संदेश दिया है। उन्होंने बताया कि मंच की ओर से आठ वर्षों से पूजनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें महिलाओं या बालिकाओं द्वारा ही मां सरस्वती की पूजा की जाती है। जिसका उद्देश्य समुदाय की महिलाओं को समानता देना है।
शाम को मां सरस्वती की विशेष पूजा-अर्चना और आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें शास्त्रीय नृत्य की नृत्यांगना सोनल वर्मा और गायक हिमांशु दरमोडा ने प्रस्तुति से मन मोह लिया। इस दौरान विशाल भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मंच के अध्यक्ष हरिशंकर राव, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एसके झा, डॉ. गार्गी मिश्रा, डॉ. निवेदिता, कंचन ठाकुर, संदीप कुमार, मनीष कुमार, गौतम पंडित, अनिल प्रजापति, मुकेश यादव, संजय साह, रीता चौधरी, डॉ. अमर उपाध्याय, डॉ. एएन पांडेय संजय झा, धीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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पीत वस्त्र धारण कर की सरस्वती की पूजा
वसंत पंचमी पर भक्तों ने पीत वस्त्र धारण कर सरस्वती देवी की पूजा की। पीले रंग को वसंत का प्रतीक माना जाता है। वसंत ऋतु का मौसम सुहाना होता है। वसंत ऋतु के आगमन होने के बाद पेड़ पौधों में नई पत्तियां और फूल आने लगते हैं। यही कारण है कि वसंत पंचमी पर पीले रंग का खास महत्व होता है।
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आज सरस्वती की मूर्ति का हरिद्वार में होगा विसर्जन
वसंत पंचमी के बाद सोमवार को हरिद्वार में मां सरस्वती की मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। मंच के मंच के संस्थापक सुभाष झा ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के लिए मंच के सदस्य सोमवार को दून से रवाना होंगे। हरिद्वार में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन किया जाएगा।