नई टिहरी। टीएचडीसी हाइड्रो पावर इंजीनियरिंग संस्थान भागीरथीपुरम में गणित विभाग में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर डा. अरविंद कुमार सिंह को जांच कमेटी की सिफारिश पर बर्खास्त कर दिया गया है। डा. सिंह ने सभी आरोप निराधार बताते हुए कहा है कि वह सेवा बहाली के लिए हाईकोर्ट में अपील करेेंगे।
कालेज प्रबंधन की ओर से डा. सिंह पर उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन न करने, सरकारी संपत्ति पर लंबे समय से ताला लगाने, शैक्षणिक कार्यों में परफॉर्मेंस रिपोर्ट अच्छी नहीं होने आदि आरोप लगाए गए थे। इसके बाद मार्च में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अप्रैल माह में संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर द्वारा आरोपों की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया। करीब छह माह चली जांच के दौरान कमेटी ने कई बार डा. सिंह को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा, लेकिन वह कमेटी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। जांच कमेटी ने सितंबर माह में बोर्ड ऑफ गवर्नर को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। जांच में सभी आरोप सही पाए गए।
बोर्ड ऑफ गवर्नर के निर्देश पर तीन अक्तूबर को संस्थान के निदेशक प्रो. जीएस तोमर ने डा. सिंह को सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। डा. एके सिंह की नियुक्ति वर्ष 2012 में हाइड्रो इंजीनियरिंग कालेज में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर हुई थी, लेकिन वर्ष 2014 में भी कॉलेज प्रबंधन द्वारा कई आरोपों के चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2016 में वह हाईकोर्ट के आदेश पर बहाल हुए थे।
इनका कहना है-
संस्थान के बोर्ड आफ गवर्नर के आदेश पर हुई जांच में आरोप सही पाए गए हैं। कुछ दिन पहले संस्थान के बीओजी (बोर्ड आफ गर्वनर) ने डा. सिंह की बर्खास्तगी के आदेश दिए थे, जिनके अनुपालन में उनकी सेवाएं समाप्त की गई है।
-प्रो. जीएस तोमर, निदेशक टीएचडीसी हाइड्रो इंजीनियरिंग संस्थान।
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संस्थान के ओर से लगाए गए सभी आरोप निराधार है। सेवा बहाली को हाईकोर्ट में अपील करूंगा पूरे तकनीकी विश्वविद्यालय में मैं सबसे सीनिसर प्रोफेसर हूं। निदेशक को मुझे बर्खास्त करने का अधिकार नहीं है।
-अरविंद कुमार सिंह, बर्खास्त एसोसिएट प्रोफेसर।