ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
डीएवी पीजी कॉलेज में बीए, बीएससी, बीकॉम में इस साल केवल ऑनलाइन दाखिलों के खिलाफ छात्र संगठनों ने शनिवार को प्राचार्य का रास्ता रोक दिया। उन्हें कार्यालय में नहीं जाने दिया गया। छात्रों की मांग थी कि पहाड़ के दुर्गम इलाकों में छात्रों की सुविधा के लिए ऑफलाइन मेरिट फॉर्म का विकल्प भी खुलना चाहिए। आखिरकार छात्र संगठनों की एकजुटता के आगे कॉलेज प्रशासन को झुकना पड़ा और ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन मेरिट फॉर्म का विकल्प भी खोल दिया गया।
डीएवी में शुक्रवार से नए सत्र के दाखिलों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हुआ। प्राचार्य डॉ. अजय सक्सेना ने साफ किया था कि इस बार केवल ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया होगी। कॉलेज के छात्रसंघ पदाधिकारी इसके विरोध में आ गए। छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम सिमल्टी के नेतृत्व में छात्र शनिवार को प्राचार्य के कार्यालय के सामने बैठ गए। उन्होंने विरोध स्वरूप प्राचार्य का कार्यालय नहीं खुलने दिया। इस दौरान प्राचार्य ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि सरकार भी डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाना चाहती है। एमकेपी, डीबीएस और एसजीआरआर में भी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो रही है, लेकिन छात्र नहीं माने।
उनका कहना था कि पहाड़ के दुर्गम इलाकों के जो युवा डीएवी में दाखिला चाहते हैं, उनका क्या होगा। दिनभर छात्र नेता प्राचार्य कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठे रहे। आखिरकार, शाम को कॉलेज प्रशासन ने छात्रों की मांग मान ली। प्राचार्य डॉ. अजय सक्सेना ने बताया कि अब ऑफलाइन मेरिट फॉर्म भी भरे जाएंगे। फॉर्म जल्द ही कॉलेज में उपलब्ध हो जाएंगे। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व अध्यक्ष राहुल कुमार, पूर्व सचिव कपिल शर्मा, तरुण जैन, देवेंद्र बिष्ट, जितेंद्र बिष्ट, सचिन नैथानी, शूरवीर चौहान, ऋषभ पाल, हनी सिसौदिया, वासु शर्मा, दयाल बिष्ट, सुमित यादव, अभिषेेक नेगी, सोनित कुमार, वीरेंद्र आदि मौजूद रहे।