वेस्ट को बेस्ट में बदलने की जरूरत : सीएम
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को गांव थानो के बाला सुंदरी मंदिर परिसर में एलईडी ग्राम लाइट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि ग्राम स्तर तक महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें वेस्ट को बेस्ट में बदलने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उत्पादों के तैयार होने के साथ ही मार्केटिंग की व्यवस्था की जाएगी। एलईडी के लिए द्वितीय प्रशिक्षण शीघ्र ही कोटाबाग में शुरू किए जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर भी महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए एलईडी ग्राम लाइट प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और चाइनीज उत्पादों की खरीद कम हो सकेगी। इन उत्पादों की बिक्री से राजस्व की भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि हमें वेस्ट को बेस्ट में बदलने की जरूरत है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों को एलईडी उपकरण बनाने के लिए किट का वितरण किया। गांव थानो में 10 महिला स्वयं सहायता समूहों की 50 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। ऊर्जा सचिव राधिका झा ने कहा कि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह एक अच्छी पहल है। इस एलईडी ग्राम लाइट प्रशिक्षण को दूरदराज के गांवों तक पहुंचाया जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण सरल भी है और महिलाओं को स्वरोजगार के लिए उपयोगी भी। कार्यक्रम में विधायक भरत सिंह चौधरी, सचिव कौशल विकास डॉ. पंकज पाण्डेय, उरेडा निदेशक रणवीर सिंह चौहान, भाजपा दून जिलाध्यक्ष शमशेर सिंह पुंडीर, ब्लॉक प्रमुख बीना बहुगुणा, भाजपा नेता राजेंद्र अंथवाल, एलईडी उपकरणों के प्रशिक्षक विवेक एवं पंकज आदि उपस्थित रहे।
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पांच दिन दिया जाएगा प्रशिक्षण
एलईडी ग्राम लाइट प्रशिक्षण के प्रारंभिक चरण में महिला स्वयं सहायता समूहों को एलईडी झूमर, एलईडी झालर, एलईडी बल्ब, एलईडी ट्यूबलाइट और सोलर इमरजेंसी लाइट बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण पांच दिनों तक दिया जाएगा।