ब्यूरो/अमर उजाला देहरादून
द्रोण चौक से वाहनों के लिए वन-वे व्यवस्था लागू करने का ट्रैफिक पुलिस का प्रयोग उल्टा पड़ गया है। अव्यवस्था फैलने के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई है। सोमवार को स्कूल और सरकारी कार्यालय खुले तो महाराजा अग्रसेन चौक से घंटाघर तक पूरे दिन जाम लगा रहा। गांधी रोड पर यातायात का दबाव दोगुना होने से लोग घंटों जाम में फंसे रहे। सोमवार को इसका असर राजपुर रोड, सहारनपुर रोड समेत अन्य सड़कों पर भी पड़ा। यहां भी लोगों को जाम से परेशान होना पड़ा।
महाराजा अग्रसेन चौक से घंटाघर तक वाहनों का अधिक दबाव रहता है। यह सड़क भी संकरी है। बाकी कसर सड़क के दोनों तरफ के कारोबारियों ने पूरी कर दी है। फुटपाथ पर कारोबारियों का सामान और सड़क पर ग्राहकों के वाहन खड़े रहते हैं। पुलिस ने फुटपाथ खाली करवाने के बजाय अव्यवहारिक प्रयोग कर वन-वे व्यवस्था को जनता पर थोप दिया है। पिछले शुक्रवार से द्रोण होटल के सामने वाली सड़क को वाहनों के प्रवेश के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। वन-वे से गांधी रोड पर वाहनों का दबाव दोगुने से अधिक हो गया है। लिहाजा शुक्रवार से ही गांधी रोड पर जाम की समस्या शुरू हो गई।
वहीं, सोमवार को स्कूल, कॉलेज और कार्यालय आदि खुले और दबाव बढ़ा तो यातायात व्यवस्था पूरी तरह धड़ाम हो गई। पूरे दिन लोगों को जाम में पिसना पड़ा। हालत यह रही कि महाराजा अग्रसेन चौक से घंटाघर तक पहुंचने में ठंड में भी लोगों के पसीने छूट गए। लोगों के लिए दर्शन लाल चौक पार करना मुश्किल हो रहा है। यहां सड़क की चौड़ाई बेहद संकरी है। इसी क्षेत्र में कई सरकारी कार्यालय भी हैं, जहां जनता का आना-जाना रहता है। ऐसी स्थिति में वन-वे होने से वाहन चालकों को दर्शन लाल चौक से घूमकर दून अस्पताल होकर आना पड़ रहा है।
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व्यापारियों के धंधे पर असर
जाम लगने के कारण गांधी रोड के कारोबारियों का धंधा भी चौपट हो गया है। यातायात वन-वे करने से वाहन चालक ही नहीं, बल्कि आसपास के दुकानदार भी परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि नेता और अफसर चुप्पी साधे हैं तो पुलिस से बुराई कौन लेगा।
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सड़क पहले से ही संकरी है। वन-वे होने से रोजाना जाम लग रहा है। इसका असर दुकानदारों के व्यापार पर पड़ने लगा है। हालात यह है कि दुकानदारों को पूरे दिन खाली बैठना पड़ रहा है। -अमान, गांधी रोड
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तहसील चौक और दर्शन लाल चौक के पास ट्रैफिक लाइटों की टाइमिंग पुरानी ही है, जबकि वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है। टाइमिंग नए सिरे से सेट किया जाए, ताकि जाम से राहत मिले। -अतीफ शेख, गांधी रोड
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पहले से धंधा मंदा हो गया है। कभी नगर निगम तो कभी पुलिस वाले अतिक्रमण के नाम पर डराते-धमकाते थे। अब जाम लगने से ज्यादा ग्राहक नहीं आ रहे हैं। व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। -जाहिद
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इस प्रयोग को थोपने वाले अधिकारी पहले खुद किसी प्राइवेट वाहन में महाराजा अग्रसेन चौक से घंटाघर तक सफर करें। इसके बाद उन्हें लोगों की परेशानी का एहसास होगा। -नोमान
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द्रोण होटल के सामने पुलिस कार्यालय से सटी सड़क को विक्रम और आटो वालों ने बाईपास बना लिया था। जाम लगने से सरकारी कार्यालयों में आने वालों और दून अस्पताल पहुंचने वाले रोगियों, तीमारदारों को परेशानी हो रही थी। वन-वे करने से जाम की समस्या दूर हो गई है। जिन्हें न्यायालय, डीएम और एसएसपी कार्यालय जाना है वे महाराजा अग्रसेन चौक से आगे चंदर नगर मोड़ से जा सकते हैं। मोड़ और सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहनों को हटाकर पुलिस की ड्यूटी लगा दी गई है।
-लोकेश्वर सिंह, एसपी ट्रैफिक
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पार्किंग हैं नहीं, कहां खड़े करें वाहन
द्रोण चौक के सामने वाली सड़क पर न्यायालय, डीएम, एसएसपी, डीआईजी, एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक, एसपी देहात, पुलिस कंट्रोल रूम, साइबर सेल, दून अस्पताल, नगर निगम, महिला अस्पताल अन्य विभाग हैं। यहां लोगों को काम पड़ता है। कार्यालयों तक पहुंचने वालों को दर्शनलाल चौक से घूमकर आना पड़ रहा है। जाम से जूझते लोग कार्यालयों तक पहुंच तो रहे हैं, लेकिन पार्किंग सुविधा नहीं है। मजबूरी में वाहन सड़क पर खड़े करने पड़ रहे हैं। पुलिस की नजर पड़ने पर उनका चालान किया जा जा रहा है।