ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
भाजपा मुख्यालय में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के सामने शनिवार को जहर खाकर पहुंचने वाले ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे की हालत मैक्स अस्पताल में स्थिर बनी हुई है। चिकित्सकों का कहना है कि पांडे को आईसीयू में 72 घंटे के ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। वहीं, पांडे के रिश्तेदार भी हल्द्वानी, काठगोदाम से अस्पताल पहुंच गए हैं। उनका कहना है कि नोटबंदी और जीएसटी के चलते प्रकाश पांडे का कारोबार चौपट हो गया है। उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि रविवार दोपहर पांडे के स्वास्थ्य में मामूली सुधार आया, लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। अस्पताल पहुंचे पांडे के बहनोई उमेश मलकानी ने बताया कि पांडे को अन्य लोगों के 15 से 20 लाख रुपये देने हैं। बाजार में पैसा फंसने से वह उन पर बहुत कर्ज चढ़ गया है। समस्या को लेकर पांडे मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक को पत्र लिखकर अवगत करा चुके हैं, लेकिन कहीं से कोई जवाब नहीं आया। पांडे के अधिवक्ता बहनोई ने कहा कि वह ग्वालियर से आने वाले आटे की आर्मी को सप्लाई करते थे, लेकिन उनका बाजार में लाखों रुपया फंस गया। पांडे ने बीते दिनों बताया था कि वह देहरादून जा रहे हैं, लेकिन परिवार में किसी को यह उम्मीद नहीं थी कि वह इस तरह का कदम उठा लेंगे। पांडे के बहनोई ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद उनकी गाड़ियां खड़ी हो गई थीं और कारोबार चौपट हो गया। इसको लेकर वह बेहद परेशान थे।
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प्रकाश पांडे पांच जनवरी को सचिवालय में अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। उन्हें आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। डॉक्टरों ने प्रकाश पांडे के स्वास्थ्य में पहले से कुछ सुधार बताया है। उनके इलाज में जो खर्चा आएगा, उसे सरकार वहन करेगी।
-उर्वादत्त भट्ट, मुख्यमंत्री के ओएसडी
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अस्पताल के बाहर पुलिस फोर्स तैनात
पांडे के जहर खाने के मामले में राजनीति होती देखकर मैक्स अस्पताल के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पांडे का हाल जानने अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को अस्पताल के बाहर रोका जा रहा है।