disaster due to heavy rain in uttarakhand
मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में राज्य के सभी 13 जिलों की जिला आपदा प्रबंधन योजना स्वीकृत की गई। इसके साथ ही इस वित्तीय वर्ष में आपदा से हुई क्षति, अन्य मदों में राहत, पुनर्स्थापन कार्य, 2013 की आपदा में वायु सेना के बिलों के भुगतान आदि के लिए 130 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र रुद्रप्रयाग के तत्वाधान में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा केदारनाथ यात्रा मार्ग पर किए गए मरम्मत, पुनर्निर्माण कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
केदारनाथ धाम क्षेत्र के पुरोहितों, भवन स्वामियों के 407 परिवारों के पुनर्वास के लिए मुआवजा धनराशि 18.89 करोड़ रुपये का भुगतान मुख्यमंत्री राहत कोष से किए जाने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 2013 की आपदा से संबंधित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए सभी जिलाधिकारी आख्या दें।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के ढांचे के संबंध में अन्य राज्यों का भी अध्ययन करने, जनता के सुझावों को भी सम्मिलित किया जाए। आपदाग्रस्त नए क्षेत्रों के साथ ही नदी किनारे के क्षेत्रों का भूमि कटाव आदि की सूचना भी उसमें शामिल की जाए। आपदा के दौरान स्थापित पीआईयू के जो कार्य कराए गए हैं, उसका भुगतान मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से किया जाए।
इस साल भारी बारिश से 74 की मौत
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष प्रदेश भर में भारी वर्षा की विभिन्न घटनाओं के कारण 74 व्यक्तियों की मृत्यु हुई, 48 लोग घायल हुए। साथ ही 766 पशुओं की मृत्यु हुई। 117 आवासीय भवन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वर्तमान में 10 स्थानों पर राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 673 व्यक्तियों को रखा गया है। इस संबंध में 665 करोड़ का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।