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फर्जी दस्तावेजों से नौकरी कर रहे 13 शिक्षक सस्पेंड

Thu, 10 Mar 2016 11:07 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रपुर
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फर्जी दस्तावेजों से नौकरी कर रहे 13 शिक्षक सस्पेंड - फोटो : concept photo
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उत्तराखंड में फर्जी बीटीसी प्रमाण पत्रों के आधार पर लंबे समय से नौकरी कर रहे 13 प्राथमिक शिक्षकों पर गाज गिरी है। डीईओ बेसिक ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उनसे 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है। सभी निलंबित शिक्षक गदरपुर ब्लाक के स्कूलों में तैनात हैं। इसके अलावा आधा दर्जन प्राथमिक शिक्षकों के अभिलेखों की जांच चल रही है।
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दरअसल, कुछ समय पूर्व विभाग में किसी ने 13 प्राथमिक शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी होने की शिकायत की थी। यह मामला सूचना आयोग में भी चला गया था। आयोग ने विभाग को इस प्रकरण की विशेष जांच करने के निर्देश दिए थे। सभी शिक्षकों के बीटीसी प्रमाणपत्रों की जांच परीक्षा नियामक बोर्ड इलाहाबाद से कराई गई तो फर्जी होने की पुष्टि हुई।

डीईओ बेसिक डीसी सती ने बताया कि शिक्षा महानिदेशक और सूचना आयोग के निर्देश पर जब शिक्षकों के बीटीसी प्रमाण पत्र परीक्षा नियामक बोर्ड इलाहाबाद से मिलाए गए तो फर्जी होने की पुष्टि हुई। जिसके बाद उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबित शिक्षकों को आरोप पत्र थमाकर 15 दिनों के भीतर अपने पक्ष में साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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शिक्षकों के जवाब आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। यह शिक्षक 15 से अधिक सालों से नौकरी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अभी करीब आधा दर्जन और शिक्षकों के प्रमाणपत्र जांचे जा रहे हैं।

इन शिक्षकों पर गिरी है गाज
नौवहार सिंह प्राथमिक विद्यालय कुलवंतनगर गदरपुर, वीर सिंह यादव अलखदेवी, शिवनाथ सिंह गदरपुर, अनिल कुमार रम्पुरा बाजपुर, हेमराज मिदनापुर, सुशील शर्मा गदरपुर, खेंद्रपाल सिंह रामपुर गदरपुर, मेहर सिंह वार्ड नंबर 1 दिनेशपुर, महेश चंद्र मसरा झुन्नी, पुरुषोत्तम कुमार जयनगर, योगराज सिंह धीमरखेड़ा, परमानंद रामजीवनपुर और उमेश पाल कोपा मुनस्यारी गदरपुर में तैनात हैं।
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