ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 10वीं और 12वीं में हिंदी और संस्कृत विषय चाहने वाले छात्रों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इस साल बोर्ड परीक्षाओं में गत वर्षों की तुलना में कई गुना छात्र इन विषयों की परीक्षाएं देंगे। इसे केंद्र सरकार के प्रयासों के तहत अच्छी पहल माना जा रहा है।
सीबीएसई देहरादून रीजन में इस साल 10वीं में 4500 छात्र संस्कृत की परीक्षा देंगे। गत वर्ष यह संख्या करीब 700 थी। आमतौर पर हर साल काफी कम संख्या में छात्र 10वीं में संस्कृत चुनते थे। इसी प्रकार 12वीं में हिंदी विषय को लेकर भी उत्साह बढ़ा है। 12वीं में 20 अंकों का प्रोजेक्ट वर्क लागू कर दिया गया, जिससे यह विषय ज्यादा स्कोरिंग हो गया है। नतीजतन इस साल 12वीं में पूरे रीजन में 30,300 छात्र-छात्राएं हिंदी की परीक्षा देंगे जबकि गत वर्ष यह संख्या करीब 15 हजार थी। हालांकि 12वीं में संस्कृत विषय को लेकर उत्साह नजर नहीं आया। पूरे रीजन में संस्कृत में महज 19 छात्र परीक्षा देंगे। गौरतलब है कि इस साल सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में 10वीं में 1,53,791 और 12वीं में 1,25,311 छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। दून रीजन में परीक्षा के लिए 414 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 258 और उत्तराखंड के 13 जिलों में 156 परीक्षा केंद्र हैं।
10वीं में किस विषय में कितने छात्र
इंगलिश कम्यूनिकेटिव : 1,42,584
इंगलिश लैंग्वेज एंड लिट्रेचर : 17,400
हिंदी कम्यूनिकेटिव : 1,21,000
हिंदी कोर्स बी : 34,200
संस्कृत : 4500
उर्दू : 282
आईटी (वोकेशनल कोर्स) : 22,000
फ्रेंच : 1,154
जर्मन : 658
पंजाबी : 58
12वीं में किस विषय में कितने छात्र
इंगलिश कोर : 1,24,677
फिजिकल एजुकेशन : 92,800
कैमिस्ट्री : 67,400
फिजिक्स : 67,400
मैथ्स : 52,000
हिंदी : 30,300
अकाउंटेंसी : 49,000
बिजनेस स्टडीज : 49,000
संस्कृत इलेक्टिव : 13
संस्कृत कोर : 06
उर्दू इलेक्टिव : 32
उर्दू कोर : 39
बायोटेक्नोलॉजी : 193
पंजाबी : 18
जर्मन : 16
फ्रेंच : 20
पेपर लीक रोकने को व्यवस्था चाकचौबंद
गत वर्षों में देश के कई शहरों में सीबीएसई के पेपर लीक होने से सबक लेते हुए इस बार सीबीएसई ने व्यवस्थाएं बेहद चाकचौबंद की हैं। सभी डाकघरों से लेकर बैंकों तक और पेपर के बोर्ड से परीक्षा केंद्र तक के जितने माध्यम हैं, सभी को अलर्ट कर दिया गया है। डाकघरों को भी हिदायत दी गई है कि वह बोर्ड से आने वाले हर पार्सल को जिम्मेदारी मानते हुए समय से उपलब्ध कराएं। बैंकों को भी सतर्कता के साथ पेपर उपलब्ध कराने का पत्र भेजा गया है। उधर, सीबीएसई की ओर से पेपर लीक को रोकने के लिए कुछ केंद्रों पर बतौर पायलट प्रोजेक्ट ऑनलाइन पेपर भेजने की भी तैयारी की जा रही है।
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12वीं हिंदी में प्रोजेक्ट वर्क शुरू होने की वजह से छात्रों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसी प्रकार, 10वीं में भी संस्कृत में छात्रों की संख्या अचानक बढ़ी है जो कि नया रुझान है। निश्चित तौर पर आने वाले समय में इसके अच्छे परिणाम नजर आएंगे।
-रणबीर सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई देहरादून