ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
प्रयागराज कुंभ में श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पर्याप्त गंगाजल मिलेगा। इसके लिए टिहरी डैम से 4 मार्च तक 12 हजार क्यूसेक पानी दिया जाता रहेगा। किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता रहे इसलिए दो हजार क्यूसेक पानी गंगनहरों के लिए छोड़ा जाएगा, जबकि दस हजार क्यूसेक पानी निरंतर प्रयागराज कुंभ के लिए बहता रहेगा। यह जानकारी जगद्गुरु आश्रम पहुंचे उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने दी। इस दौरान उन्होंने जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज को राज्य सरकार की ओर से कुंभ के लिए आमंत्रित भी किया।
सोमवार को उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने प्रयागराज कुंभ के लिए पर्याप्त जल बहते रहने को लेकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों व टिहरी डैम के अधिकारियों के साथ भीमगोड़ा बैराज पर बैठक की। पूरी कार्ययोजना तैयार करने के बाद सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज को प्रयागराज महाकुंभ में आमंत्रित करने पहुंचे। उनका आमंत्रण स्वीकार करते हुए शंकराचार्य महाराज ने प्रयागराज कुंभ की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। इस दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि पिछली सरकारों के समय में जब भी कुंभ हुए तो श्रद्धालुओं को संगम पर घुटने तक जल मिलता था, लेकिन इस बार योगी आदित्यनाथ की सरकार में संगम स्थल तक कुंभ की पूरी अवधि के लिए कमर तक पर्याप्त गंगाजल मिलता रहेगा। टिहरी डैम से 12 हजार क्यूसेक पानी 31 दिसंबर से छोड़ना शुरू कर दिया है। इस पर दोनों प्रदेशों की सहमति हो चुकी है। सहमति के अनुसार 4 मार्च तक गंगा में 10 हजार क्यूसेक पानी निरंतर बहता रहेगा। उन्होंने बताया कि किसानों की आशंका थी कि इस दौरान उन्हें फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल सकेगा, इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गंगनहरों में भी 2 हजार क्यूसेक पानी बहता रहेगा। इस दौरान सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर टीसी शर्मा, अधीक्षक विनोद मिश्रा, अधीक्षण अभियंता दिनेश कुमार, एसडीओ विक्रांत कुमार, एई विवेक सोनी, राज्यमंत्री विनोद आर्य, शिवकुमार त्यागी, डा. गौरव मनोचा, अभिषेक कौशिक, तरुण चौधरी, आदेश त्यागी, चौधरी जितेंद्र सिंह, नारायण शास्त्री आदि शामिल हुए।