निजी स्कूलों को जारी होंगे नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें लगाने वाले निजी स्कूलों को शिक्षा विभाग इसी सप्ताह नोटिस जारी करेगा। इसको लेकर विभागीय स्तर पर कवायद तेज हो गई है। मंगलवार को अधिकारियों ने महंगी किताबें लगाने वाले और किताबों का मूल्य विभागीय वेबसाइट पर अपलोड न करने वाले स्कूलों की सूची तैयार की।
महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने बताया कि देहरादून जिले में 53 स्कूलों का निरीक्षण किया गया। जिनमें से 28 में महंगी किताबें लगाए जाने की पुष्टि हुई। 19 स्कूलों ने विभागीय पोर्टल पर पुस्तकों की मूल्य सूची अपलोड नहीं की। इसके अलावा हरिद्वार के 77, ऊधमसिंह नगर के 19 और नैनीताल के 77 विद्यालयों की जांच की गई। हरिद्वार में 34, ऊधमसिंह नगर में 10 और नैनीताल में 38 विद्यालयों में महंगी किताबें लगाई गई थी। दूसरी ओर हरिद्वार में 67, ऊधमसिंह नगर में 10 और नैनीताल में 29 विद्यालयों ने किताबों की सूची वेबसाइट पर अपलोड नहीं की थी। उन्होंने बताया कि अगले कुछ दिनों में सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया जाएगा।
सोमवार को सचिवालय में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि इसकी विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट को भेजी जाएगी। साथ ही बोर्ड और सीबीएसई से विद्यालयों की मान्यता निरस्त करने की सिफारिश भी की जाएगी।
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ये है मामला
राज्य सरकार ने इसी वर्ष उत्तराखंड बोर्ड और सीबीएसई से संबद्ध व मान्यता प्राप्त सभी निजी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया था। जिस पर कुछ निजी स्कूल संचालकों के याचिका दाखिल करने पर कोर्ट ने रेफरेंस बुक लगाने की छूट दी। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रेफरेंस बुक का मूल्य एनसीईआरटी किताबों से ज्यादा नहीं होना चाहिए। साथ ही स्कूलों में छापेमारी न करने के भी आदेश दिए। इस पर शिक्षा विभाग ने चार नोडल अफसर तैनात कर देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के विद्यालयों की निगरानी की। इसकी रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने स्कूलों को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है।