ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
खाली पड़े भारतीय वन सेवा संवर्ग (आईएफएस) के सात पदों पर राज्य वन सेवा संवर्ग (पीएफएस) का कोई भी अधिकारी पदोन्नति की अर्हता पूरी नहीं करता। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में प्रमुख वन संरक्षक ने इसका उल्लेख करते हुए कहा है कि राज्य वन सेवा संवर्ग के सभी अधिकारियों की सेवा आठ साल से कम है। लिहाजा वे आईएफएस नहीं बन सकते हैं।
राज्य में तैनात आईएफएस अधिकारियों में मुख्य वन संरक्षक प्रेम कुमार, पी एल श्रीवास्तव, जन्मेजय सिंह, सीके कविदयाल और वन संरक्षक अशोक कुमार के सेवानिवृत्त होने व एमबी सिंह की असमय मृत्यु के बाद वन विभाग में आईएफएस कैडर के सात पद खाली हैं। इन पदों पर राज्य वन सेवा के अधिकारियों को पदोन्नति देने के लिए शासन ने प्रमुख वन संरक्षक से रिपोर्ट मांगी थी।
प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने शासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। इसमें उन्होंने कहा है कि राज्य वन सेवा संवर्ग के जितने भी अधिकारी हैं, उनमें से किसी की भी सेवा एक जनवरी 2018 को आठ साल से कम है। ऐसे में वे आईएफएस कैडर में पदोन्नति पाने के लिए आठ वर्ष सेवा की जरूरी अर्हता पूरी नहीं करते। बता दें कि विभाग में अफसरों की कमी के चलते आईएफएस कैडर के कई अधिकारियों को एक दो नहीं बल्कि तीन-तीन दायित्वाें का निर्वहन करना पड़ रहा है, जिसका असर विभागीय कामकाज पर भी पड़ता है।