छात्रवृत्ति से वंचित रह गए 3500 छात्र
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। शैक्षिक सत्र 2016-17 में करीब 3500 छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रह गए। विभाग इसकी वजह आवेदनों में त्रुटि होना बता रहा है। इनमें 1400 आवेदन ऐसे थे जिनमें आधार कार्ड और आवेदन में नाम अलग-अलग थे। ऐसे में विभाग इस तस्दीक में जुटा है कि जो आवेदन आधार कार्ड की वजह से निरस्त किए गए हैं उनकी असली वजह क्या थी?
सत्र 2016-17 में जिला समाज कल्याण विभाग में दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए करीब 8500 से छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए थे। जिनकी जांच की गई तो उनमें से 2104 आवेदन ऐसे पाए गए जिनमें कोई न कोई त्रुटि थी। इनमें अधिकतर के दस्तावेज अधूरे थे।
इसके अलावा 1400 आवेदन ऐसे थे जिनमें आधार कार्ड और आवेदन पत्रों में नाम अलग-अलग थे। जबकि 70 आवेदकों को बजट के अभाव में छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई। विभाग का दावा है कि जांच के बाद आवेदकों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर त्रुटियों में सुधार कराने का समय दिया था, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया और न ही कोई त्रुटि में सुधार कराने के लिए विभाग में पहुंचा। जिसके बाद त्रुटि वाले सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया है। अब छात्रवृत्ति पाने के लिए छात्र विभाग में चक्कर काट रहे हैं।
कोट :
जिन आवेदनाें में त्रुटि पाई गई थी, उन्हें निरस्त कर दिया गया है। छात्रों को गलती ठीक करने का समय भी दिया गया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसलिए ऐसे आवेदकों को छात्रवृत्ति जारी नहीं की गई।
- अनुराग शंखधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी