ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
वित्त मंत्रालय, आईबीए और बैंक यूनियनाें के बीच वेतन मुद्दे पर हुई समझौता वार्ता विफल होने के बाद देश के 10 लाख से अधिक बैंक कर्मचारियों ने बुधवार से दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का एलान किया है। दूसरी ओर समझौता वार्ता टूटने के बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों ने मंगलवार को एसबीआई की मुख्य शाखा पर प्रदर्शन भी किया।
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि वेतन बढ़ोतरी के लिए लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन केंद्र सरकार, वित्त मंत्रालय व आईबीए अड़ियल रवैए अपनाए हुए है। मामले को सुलझाने का बाबत वित्त मंत्रालय, आईबीए व बैंक यूनियनों के पदाधिकारियों, कर्मचारियों की यूनियन के बीच 15 दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई सकारात्मक हल नहीं निकला। इस बीच सरकार ने बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन में महज दो फीसदी बढ़ोतरी का एलान किया है। जिसे देश भर की तमाम बैंक यूनियनें मानने को तैयार नहीं है। बैंक यूनियनों के अनुसार सरकार ने पांच साल बाद वेतन बढ़ोतरी की है। इसके बावजूद महज दो फीसदी वेतन बढ़ोतरी झुनझुना थमाने जैसा है। पिछले वेतन समझौता वार्ता में 15 फीसदी बढ़ोतरी की बात कही गई थी जो कि नवंबर से लंबित है। बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों का कहना है जब देश में मुद्रा लोन योजना जैसी बैंकिंग योजनाओं को लागू कराने की बात आती है तो केंद्र सेवाएं लेने में कतई नहीं चूकती। जबकि अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के बाबत सरकार चुप्पी साध लेती है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयोजक जगमोहन मेंहदीरत्ता ने कहा कि बुधवार से देशभर के दस लाख से अधिक बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। जहां तक उत्तराखंड का सवाल है तो राज्य में 1586 शाखाओं में काम ठप रहेगा। यदि सरकार ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा सकती है। प्रदर्शन में पीआर कुकरेती, डीके जोशी, आरपी शर्मा, कुंदन सिंह, राजन पुंडीर, शार्दूल ढाैंढियाल, बीपी सुंदरियाल, प्रवीण कुमार शर्मा, विजय गुप्ता, सीके जोशी, इंद्र सिंह, मुरारी लाल नौटियाल, उमेश छेत्री, नवीन कुमार सिंह, कमल कुमार समेत बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।