ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड में नर्सिंग कॉलेेजों की मान्यता और दाखिले लटक गए हैं। इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) के विलय के कारण इस बार किसी भी नए कॉलेज को न तो मान्यता मिली और न ही किसी पुराने कॉलेज की मान्यता को विस्तार मिल पाया है। इस वजह से इन कोर्सेज में दाखिलों की प्रक्रिया लटक गई है। अब आईएनसी ने राज्य नर्सिंग परिषद् को अपने स्तर से मान्यता प्रक्रिया पूर्ण करने का पत्र तो भेज दिया है, लेकिन राज्य परिषद् के पास इसका कोई इंतजाम या जानकारी नहीं है।
प्रदेश में इस वक्त करीब 15 नर्सिंग के कॉलेज हैं, जिनमें एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। करीब सात नए कॉलेज नर्सिंग के शुरू होने हैं, जिनकी एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी से प्रक्रिया पूर्ण है। कॉलेजों में हर साल नई मान्यता या पुरानी मान्यता के विस्तारीकरण की प्रक्रिया जनवरी माह तक पूर्ण हो जाती है। इस साल मई तक भी न तो पुराने कॉलेजों को विस्तार मिला और न ही नए कॉलेजों को मान्यता। हाल ही में इंडियन नर्सिंग काउंसिल से एक पत्र आया है, जिसमें कहा गया है कि राज्य की नर्सिंग परिषद् अपने स्तर से मान्यता की प्रक्रिया अमल में लाए। लेकिन राज्य की नर्सिंग परिषद् के पास न तो ऐसा कोई ढांचा है और न ही नियमों की ऐसी जानकारी। इस वजह से नर्स़िग की मान्यता लटक गई है। इसमें सरकारी नर्सिंग कॉलेज भी शामिल हैं। मान्यता न मिल पाने की वजह से इन कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी ने फिलहाल रोक ली है। यूनिवर्सिटी के कुलसचिव प्रो. विजय जुयाल ने बताया कि चूंकि अभी मान्यता की स्थिति साफ नहीं है, इसलिए पूरी तैयारी होने के बावजूद प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया रोकी गई है।