ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ऑटो संचालकों के विरोध के आगे ऑटो में मीटर लगाने पर परिवहन विभाग के अफसरों के कदम ठिठक गए। मंगलवार को ऑटो में मीटर लगाने की शुरूआत होनी थी, लेकिन विरोध के चलते अधिकारी एक भी मीटर नहीं लगवा सके। वहीं, ऑटो संचालकों का कहना है कि उनकी मंडलायुक्त से वार्ता हुई है। उन्होंने एक माह की मोहलत दी है। उसके बाद इस पर एसटीए की बैठक में इस पर निर्णय होगा।
ऑटो संचालकों के यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों पर विगत दिनों रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) की बैठक में शहर के सभी ऑटो में मीटर लगाना अनिवार्य करने का फैसला लिया गया था। एक मई से ऑटो में मीटर लगाए जाने थे। आरटीए के इस फैसले का ऑटो संचालक विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के चलते मंगलवार को एक भी ऑटो में मीटर नहीं लगवाया जा सका।
एआरटीओ अरविंद कुमार पांडेय का कहना है कि ऑटो संचालकों को मीटर लगाना ही होगा। ऑटो की फिटनेस कराने के दौरान मीटर की जांच की जाएगी। मीटर नहीं लगा होने पर फिटनेस प्रमाण-पत्र नहीं दिया जाएगा। वहीं दून आटो रिक्शा यूनियन के महामंत्री मनींद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि इस संबंध में मंडलायुक्त से वार्ता हुई है और उन्होंने एक माह की मोहलत दी है। 15 मई को एसटीए की बैठक होनी है। उसमें उनकी मांगों पर अमल होने के बाद ही ऑटो में मीटर लगवाए जाएंगे।