ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
हिमालय पर्यावरण सोसायटी की ओर से हिंदी भवन में मशहुर चित्रकार ज्ञानेंद्र कुमार के बनाए चित्रों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनी लगी है। रविवार को कार्यक्रम के दौरान चित्रकार ज्ञानेंद्र कुमार को उत्तराखंड गौरव सम्मान-2018 से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सोसायटी के अध्यक्ष जगदीश बाबला ने कहा कि ज्ञानेंद्र कुमार न सिर्फ चित्रकार बल्कि ख्याति प्राप्त गायक भी हैं। ज्ञानेंद्र का भजन ‘दुख चंदन होता है, जिसके माथे पर लग जाता है पावन होता है’ आज भी लोगों की जुबान पर है। ज्ञानेंद्र कुमार के कार्यक्रम प्रधानमंत्री आवास और उप राष्ट्रपति आवास सहित कई स्थानों पर हो चुके हैं। दूरदर्शन पर 70 के दशक में उनकी गजल ‘जिंदगी सबको मिली हो यह जरूरी तो नहीं’ आज भी लोगों की जुबान पर है। कार्यक्रम में कलाकुंज भारती पत्रिका के संपादक पदमकांत शर्मा, ओपी गुप्ता, डॉ. पीसी जोशी, टीके अग्रवाल, निशा मारकंडे, नरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का हुआ सम्मान
कला मंच की ओर से हिंदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों अध्यक्ष आदर्श अग्रवाल, सचिव नरेंद्र शाह, कोषाध्यक्ष राजीव जैन, उपाध्यक्ष डॉ. जागृति डोभाल चोपड़ा, सह सचिव आदीप शर्मा, संगठन सचिव प्रदीप शर्मा, प्रचार सचिव जगदीश बाबला का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नवीन गुप्ता व अध्यक्षता चित्रकार ज्ञानेंद्र कुमार ने की।