ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
हाथी बाहुल्य क्षेत्र में ट्रेन केंद्रीय वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन बोर्ड की ओर से निर्धारित गति से तेज दौड़ाई जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेलवे ट्रैक में हाथियों के कटने की यह भी एक प्रमुख वजह है। मामले में रेलवे विभाग को नोटिस जारी किया जाएगा।
केंद्रीय वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन बोर्ड ने हाथियों की सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे विभाग को राजाजी टाईगर रिजर्व क्षेत्र से होकर गुजरने वाली ट्रेन की रफ्तार रात में 35 किलोमीटर प्रति घंटा एवं दिन में 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक न रखने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग अधिकारियों का कहना है कि निर्देश के बावजूद हाथी बाहुल्य रिजर्व क्षेत्र में ट्रेन 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक रेलवे की ओर से रेल चालकों को बकायदा इसके निर्देश दिए गए हैं। यदि ट्रेन की रफ्तार निर्देश के अनुरूप न की गई तो रेलवे को नोटिस जारी किया जाएगा। बता दें कि रेलवे ट्रैक में रेल से कटकर अब तक 26 हाथियों की मौत हो चुकी है।
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रेलवे विभाग की ओर से चालकों को नियमानुसार 50 प्रति किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन चलाने के निर्देश दिए गए हैं, जिस क्षेत्र की बात की जा रही है वह घुमावदार क्षेत्र है, इससे कम स्पीड से जन शताब्दी एवं नंदादेवी जैसी ट्रेन नहीं चल पाएगी। विभाग जिस निर्देश की बात कर रहा है उस जमाने में ट्रेन में छह से आठ डिब्बे हुआ करते थे। वन्य जीवों का बचाया जा सके इसके लिए वन विभाग को रेलवे के साथ बैठकर कोई रास्ता निकालना चाहिए।
- राजेंद्र गुसांई, शाखा सचिव नार्दन मैन्स यूनियन (निरमु)