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दिलों को छू गया ‘पंछी ऐसे आते हैं’

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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कलामंच की ओर से मंगलवार शाम नगर निगम सभागार में ‘पंछी ऐसे आते हैं’ नाटक का मंचन किया गया। कलाकारों के शानदार अभिनय और कसे हुए निर्देशन की बदौलत रोमांटिक कॉमेडी से भरा नाटक दर्शकों के दिलों को छू गया।
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कथानक के अनुसार मुख्य पात्र अरुण (राजीव शुक्ला) फक्कड़ है। वह लोगों को अपने बीते दिनों की कहानी सुनाता है, जब वह एक लड़की सरु (मेघा चटर्जी) को देखकर उसके घर में घुस जाता है। उसके मां-बाप (संगीता गुप्ता व संजय गुप्ता) को कहता है कि वह बचपन में उसके घर में आता है। इससे वह उनके बीच घुल-मिल जाता है। धीरे-धीरे वह लड़की के मन में जगह बना लेता है। सरु के घरवाले उसके लिए लड़का तलाश रहे हैं। ऐसे में वह भी अरुण से सरु की शादी कराने को तैयार हो जाते हैं। इसी बीच अरुण इस रिश्ते से खुद को बंधा हुआ पाता है और सब कुछ छोड़कर भाग जाता है। कथानक के लिए संगीत और साज-सज्जा काफी सराहनीय रही। नाटक के निर्देशक अतुल विश्नोई और संयोजक प्रदीप शर्मा रहे। आयोजन में बृज पंजवानी, टीके अग्रवाल, आदर्श अग्रवाल, प्रदीप शर्मा, शेल्जा शर्मा, नरेंद्र शाह, डॉ. झरना बनर्जी समेत अन्य ने सहयोग दिया।
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