फू लों को समझने के लिए कोई भाषा नहीं होती : शबनम
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
वसंत के मौके पर रविवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में चित्रकार शबनम आनंद सिंह की पेंटिंग प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का शुभारंभ चित्रकार शबनम आनंद सिंह व होटल के मालिक सीपी डंग समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्तरूप से दीप जलाकर किया।
शबनम ने बताया कि दुनिया में सिर्फ फू ल ही हैं जिन्हें समझने के लिए किसी भाषा की जरूरत नहीं होती। फू ल सिर्फ भावबोधक होते हैं। शबनम ने बताया कि प्रदर्शनी के चित्रों में फू लों पर ध्यान केंद्रित रखते हुए वाटर कलर व एक्रेलिक रंगों का प्रयोग किया गया है। प्रदर्शनी में अ सितंबर सॉन्ग, सैफ रॉन, एसेंस ऑफ हॉनेस्टी, ऑर्चिड प्योरिटी लिली, व्हाइट पैशन, मिडनाइट स्काई, द काम फ्लेम्स ऑफ पैशन नामक तीस से अधिक थीम पर आधारित पेंटिंग्स हैं। शबनम ने बताया कि यह प्रदर्शनी उनके लिए काफी खास है क्योंकि उन्होंने पहली बार अपनी जन्मभूमि पर प्रदर्शनी लगायी है। इससे पहले शबनम यूनाइटेड किंगडम, यूएसए, जापान, ऑस्ट्रेलिया सहित भारत के दिल्ली व मुंबई जैसे बड़े शहरों में प्रदर्शनी लगा चुकी हैं। प्रदर्शनी देखने पहुंचे लोगों ने पेंटिंग्स के भाव समझे और सराहना भी की। दून आर्ट सोसाइटी की प्रेसीडेंट साश्वती तालुकदार ने कहा किए शबनम की पेंटिंग्स तेजस्वी व उत्तम होती है। इसके अलावा फू लों के जीवनकाल के चित्रण में रंगों का बेहतर संयोजन देखने को मिलता है। प्रदर्शनी में शबनम की मां सीमा आनंद, कला केंद्र के ओनर कर्नल दुग्गल, कैंब्रिन हॉल स्कूल से सीनियर एजुकेटर शांति स्वरूप, जतिंदर शर्मा, हिमालया ड्रग कंपनी से नीलम मिसाल, इंद्रलोक होटल के ओनर सीपी डंग, कविता चौहान व अन्य चित्रकला प्रेमी उपस्थित रहे।