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एसडीएम की रिपोर्ट पर नहीं हो सकी कार्रवाई

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ब्यूरो/ऋषिकेश। राफ्टिंग के दौरान दो महिलाओं की मौत के मामले में टिहरी जिला प्रशासन एक महीने बाद भी कार्रवाई नहीं कर पाया है। यह बात तब है जब एसडीएम ने जांच के बाद दो राफ्टिंग संचालकों को दोषी करार देकर कार्रवाई की संस्तुति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी है। एसडीएम द्वारा की गई जांच को दरकिनार करके एक बार फिर मामले की दोबारा से जांच करवाई जा रही है।
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मुनिकीरेती में गोल्फफोर्स रैपिड पर बीते साल 30 अक्टूबर को चेन्नई निवासी डी. सुभाषनी और इसी साल 3 जनवरी में लक्ष्मीनगर, दिल्ली निवासी भगवती वर्मन की मौत राफ्टिंग के दौरान हुई थी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते 6 जनवरी को एसडीएम नरेंद्रनगर को जांच के आदेश दिए थे। एसडीएम ने प्रारंभिक जांच में कंपनी संचालकों को दोषी करार दिया था। उन्होंने कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी थी।
जिलाधिकारी के पास रिपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने इस पर फिर से विस्तृत जांच के आदेश दे दिए। राफ्टिंग में मौत के दोनों मामलों को जांच के फेर में लटका दिया गया है। सूत्रों का दावा है कि राफ्ट कंपनियों का ऊंचा रसूख है और उनकी सत्ता में बैठे माननीयों तक भी पहुंच है। यही वजह है कि राफ्ट कंपनियों के खिलाफ एक्शन नहीं हो पा रहा है और मामले को फाइलों में दबा दिया गया है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
राफ्टिंग के दौरान मौत के दोनों मामलों में प्रारंभिक जांच के बाद जिलाधिकारी ने विस्तृत जांच के आदेश दिए थे। जिसके तहत दोनों कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, जिसमें उन्होंने सुरक्षा मानकों का पालन करने की बात कही है। अब इसके साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं कि क्या वाकई कंपनियों ने सुरक्षा मानकों का पालन किया है या नहीं। जांच के बाद ही इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
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- लक्ष्मीराज चौहान, एसडीएम, नरेंद्रनगर।
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