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पूर्व वीर सैनिक और वीर नारियों का सम्मान

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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
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उत्तराखंड सब एरिया मुख्यालय की ओर से वेटरंस-डे के मौके पर सेना से रिटायर्ड वीर सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर जीओसी मेजर जनरल जेएस यादव ने 80 वर्ष से अधिक उम्र के 24 पूर्व सैनिक, युद्ध में घायल 20 पूर्व सैनिक और चार वीर नारियों को सम्मानित किया।
रविवार को वेटरंस-डे के मौके पर सबसे पहले लालगेट स्थित युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजली दी गई। इसके बाद पूर्व सैनिकों ने मार्च पास्ट किया। जीओसी मेजर जनरल जेएस यादव ने कहा कि हमारे संस्कार हमें बड़ों के सम्मान की शिक्षा देते हैं। इन्हीं संस्कारों को कायम रखने के लिए सेना वेटरंस-डे मनाती है। उन्होंने पूर्व सैनिकों के हित में उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों को पुनर्वास, पेंशन, स्वास्थ्य बैंकिंग, कैंटीन आदि की सुविधा एक छत के नीचे मिलेगी। इस पर सेना काम कर रही है। पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों के लिए प्रदेश में बहुत जल्द कुछ और पॉलिक्लीनिक खोले जाएंगे। यहां दूर दराज से आए पूर्व सैनिकों के ठहरने की व्यवस्था भी होगी। इसके लिए राज्य सरकार से जमीन की मांग की गई है। पूर्व सैनिकों के लिए हेल्पलाइन की संख्या एक से बढ़ाकर जल्द ही तीन कर दी जाएगी, ताकि उनकी समस्याएं आसानी से सेना तक पहुंच सकें। इस मौके पर पूर्व सैनिकों, वीर नारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 14 डिविजन के डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर सुभाष पनवर, ईसीएचएस के निदेशक कर्नल कुलदीप सिरोही, वेटरन शाखा प्रभारी कर्नल समित नवानी, कर्नल कर्नल एएस रावत, कर्नल अनिल गुरुंग, कैप्टन अनिरुद्ध, सुबेदार तलविंदर, रिटायर्ड ले जनरल पीसी भारद्वाज, ले जनरल शक्ति गुरुंग, उत्तराखंड पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष सेवानिवृत ब्रिगेडियर आरएस रावत, ब्रिगेडियर केजी बहल, कैप्टन अशोक लिम्बू, गौरव सैनानी एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर राणा, महासचिव राजेंद्र सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।
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ईसीएचएस कार्ड बनाने का काम शुरू
पूर्व सैनिकों के लिए वर्ष 2015 से बंद पड़ी थी कार्ड बनाने की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों के लिए ईसीएचएस कार्ड बनने शुरू हो गए हैं। यह योजना वर्ष 2015 से बंद पड़ी थी। कंपनी का अनुबंध खत्म होने के बाद दोबारा अनुबंध नहीं होने से कार्ड नहीं बन पा रहे थे। इसकी वजह से पूर्व सैनिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
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पूर्व सैनिकों को ईसीएचएस कार्ड के बजाए स्लिप दी जाती थी। इस स्लिप को थोड़े समय बाद रिन्यू कराना पड़ता था। ईसीएचएस निदेशक कर्नल कुलदीप सिरोही ने बताया कि अब यह कार्ड आधार से लिंक होगा। कार्ड बनाने की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। पूर्व सैनिकों को चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि दून का पॉलिक्लीनिक करीब एक लाख पूर्व सैनिकों को स्वास्थ्य सुविधा दे रहा है, जिस पर काफी दबाव है। क्लेमेंटटाउन का पॉलिक्लीनिक खुलने के बाद यह दबाव कम होगा। यहां करीब 40 से 45 प्रतिशत पूर्व सैनिकों को शिफ्ट कर दिया जाएगा। जब तक यह नया पॉलिक्लीनिक नहीं खुलता, तब तक पुराने पॉलिक्लीनिक में पैरामेडिकल स्टाफ बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा पॉलिक्लिनिक की व्यवस्थाएं मजबूत करने के लिए वेटरन केयर एंड असिस्टेंस टीम का गठन किया गया है। यह टीमें पॉलिक्लीनिक, पैनल्ड हॉस्पिटल व रीजनल सेंटर में दवा, मरीजों की स्थिति पर निगाह रखेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में प्रदेश में 21 पॉलिक्लीनिक क्लीनिक संचालित हैं। जिसमें आठ के पास अपना भवन नहीं है। इनके लिए सरकार से जमीन की मांग की गई है।
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