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17 को हड़ताल पर रहेंगे 30 हजार से अधिक कर्मचारी

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियंस समन्वय समिति के सम्मेलन में कर्मचारियों ने केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए 17 जनवरी को एक दिवसीय हड़ताल का एलान किया है। अखिल भारतीय संयुक्त ट्रेड यूनियन के आह्वान पर इस दिन प्रदेशभर में लगभग 30 हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। वहीं, 29 जनवरी को जेल भरो आंदोलन के तहत हरिद्वार, दून और कोटद्वार के कर्मचारी राजधानी के परेड ग्राउंड में एकत्र होकर गिरफ्तारी देंगे।
रविवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित सम्मेलन में इंटक (इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस), सीटू (सेंट्रल ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन) और एटक (ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस) सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया। सम्मलेन में संगठन पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बंद किया जा रहा है। रोजगार के अवसर खत्म कर ठेका प्रथा शुरू की गई है। श्रमिकों को न्यूनतम वेतन न देकर छह से दस हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने कम से कम 18 हजार न्यूनतम मानदेय देने की मांग की।
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एटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा ने कहा कि बगैर संघर्ष के कुछ नहीं होगा। इंटक के प्रांतीय अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि चाय बागानों को उजाड़ने की योजना बंद कर निकाले गए श्रमिकों को बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि डोईवाला सहित अन्य शुगर मिलों को पीपीपी मोड में देने की कोशिश की जा रही है। संयोजक वीरेंद्र भंडारी ने कर्मचारियों को ईएल, सीएल और त्योहारों के अवकाश देने की मांग की। सम्मेलन में सीटू के प्रांतीय उपाध्यक्ष महावीर शर्मा, जगदीश कुकरेती, पूरन सिंह, सोहन सिंह रजवार, महेंद्र प्रसाद जखमोला, जगदीश छिमवाल आदिम मौजूद रहे।
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