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गुलदार की तलाश में जुटी राधा और रंगीली

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गुलदार की तलाश में जुटी राधा और रंगीली
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-- हाथिनियों की मदद से लगाया जा रहा है आदमखोर गुलदार का पता
-- संदिग्घ जगहों पर लगाए गए हैं कैमरे, तीन पिंजरे लगाए
अमर उजाला ब्यूरो
रायवाला। खांड गांव पुलिया के पास गुलदार के हमले में युवक की मौत के बाद पार्क प्रशासन हरकत में आया है। वन अधिकारियों ने आमदखोर गुलदार की तलाश के लिए चीला रेंज से राधा और रंगीली नाम की हथनी को मोतीचूर भेजा है। इसके साथ ही रेंज कर्मचारियों ने आदमखोर गुलदार की पार्क में तलाश शुरू कर दी है। बुधवार को मोतीचूर रेंज में राधा और रंगीली हथनी पहुंच गई। पहले दिन वनकर्मियों ने पार्क के कई हिस्सों में आदमखोर गुलदार को चिह्नित करने के लिए सर्चिंग ऑपरेशन चलाया। हालांकि, अब तक सफलता हाथ नहीं लग पाई है। वनकर्मियों ने आदमखोर को पकड़ने के लिए कुछ कैमरे और तीन पिंजरे भी लगाए हैं। रेंज अधिकारी विकास रावत ने बताया कि तीन स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं। गुलदार की पहचान की जा रही है।
दूसरी ओर बीते सोमवार की रात गुलदार का निवाला बने अज्ञात युवक की पहचान बुधवार को भी नहीं हो सकी। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी युवक की पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस आसपास के थानों क्षेत्रों से भी पहचान के लिए लगातार संपर्क में है। थानाध्यक्ष महेश जोशी ने बताया की अज्ञात युवक की शिनाख्त के लिए पुलिस प्रयास कर रही है, मगर अभी तक कोई कामयाबी हाथ नहीं लगी है।
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गुलदार क्षेत्र में राहगीरों की सुरक्षा राम भरोसे
रायवाला। राजाजी नेशनल टाईगर रिजर्व पार्क के बीच से गुजर रहे नेशनल हाईवे पर राहगीरों की सुरक्षा राम भरोसे है। पार्क प्रशासन ने जंगली जानवर से खतरे के प्रति जागरूक करने के लिए हाईवे किनारे कोई चेतावनी बोर्ड चस्पा नहीं किया है, जिसके चलते राहगीर पार्क की सीमा पर यूरिनल और शौच के लिए पहुंच रहे हैं। पार्क की मोतीचूर रेंज अंतर्गत खांड गांव पुलिया के पास गुलदार के हमले में एक युवक की मौत के बाद भी वनकर्मी लोगों की सुरक्षा की अनदेखी करने में लगे हैं।
घटना के दूसरे दिन जब क्षेत्र का जायजा लिया गया तो पार्क प्रशासन लोगों की जानमाल की रक्षा के लिए किसी तरह सतर्क नहीं दिखा। राहगीर घटना वाले क्षेत्र के आसपास टहलते हुए दिखे। रेंज कार्यालय ने गुलदार और हाथी बाहुल्य क्षेत्र में राजमार्ग किनारे कहीं भी चेतावनी बोर्ड चस्पा नहीं किए हैं। इसके साथ ही लोगों की सुरक्षा के लिए भी अतिरिक्त इंतजाम पार्क प्रशासन करता नहीं दिख रहा है। लिहाजा, वन अधिकारियों की इस लापरवाही से फिर किसी भी वक्त कोई हादसा होने का अंदेशा बना हुआ है।
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सुरक्षा के लिए न बजट और न ही वनकर्मी
राजाजी पार्क की मोतीचूर रेंज के पास लोगों की वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए कोई बजट नहीं है और न ही पर्याप्त वनकर्मी हैं। वन्यजीवों के हमलों के लिहाज से संवेदनशील मोतीचूर रेंज के 11 गावों के लिए गश्ती दल में भी पर्याप्त वनकर्मी नहीं हैं। हाल में संविदा कर्मचारियों के बूते पार्क प्रशासन लोगों की सुरक्षा में लगा है, लेकिन उनका मानदेय भी विभाग की फाइलों में लंबे वक्त से अटका हुआ है।
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